इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका में करीब 76 दिनों से चल रहा सरकारी शटडाउन अब खत्म हो गया है। इसे देश के इतिहास का सबसे लंबा आंशिक सरकारी शटडाउन माना जा रहा है। लंबे समय से चल रहे इस राजनीतिक गतिरोध के बाद आखिरकार संसद में सहमति बन गई और सरकार को चलाने के लिए जरूरी फंड पास कर दिया गया।
कैसे खत्म हुआ शटडाउन
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने गृह सुरक्षा विभाग यानी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) के लिए फंड देने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी। इस फैसले के बाद कई सरकारी एजेंसियों का कामकाज फिर से शुरू हो गया। अब यह बिल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के लिए भेजा गया है, जिसके बाद इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया जाएगा।
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शटडाउन के दौरान क्या हुआ
यह शटडाउन 14 फरवरी से शुरू हुआ था और लंबे समय तक चला। इस दौरान कई सरकारी विभागों को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा। हालांकि कुछ एजेंसियां पहले से मिले बजट के कारण काम करती रहीं, लेकिन कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हुईं, जिन एजेंसियों पर ज्यादा असर पड़ा, उनमें कोस्ट गार्ड, ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (TSA) और फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (FEMA) शामिल हैं। इन विभागों को संचालन में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा और कर्मचारियों को भी अनिश्चितता झेलनी पड़ी।
किन एजेंसियों पर कम असर पड़ा
कुछ एजेंसियां जैसे इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) और कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) पर असर कम पड़ा, क्योंकि इनके पास पहले से ही कुछ फंड उपलब्ध था।
सरकार और नेताओं की प्रतिक्रिया
गृह सुरक्षा से जुड़े एक वरिष्ठ नेता मार्कवेन मुलिन ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि DHS अब फिर से पूरी तरह काम करने लगा है। उन्होंने इस शटडाउन के लिए डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया और उन कर्मचारियों की सराहना की, जिन्होंने बिना वेतन की गारंटी के भी काम जारी रखा। वहीं प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने बताया कि इस पूरे मामले में रणनीति के तहत दो अलग-अलग तरीकों से काम किया गया। उनका कहना था कि कुछ अहम एजेंसियों को सुरक्षित रखने के लिए विधेयक को रोका गया था, ताकि बाद में बेहतर समाधान निकाला जा सके।
लंबा राजनीतिक विवाद
यह शटडाउन रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच लंबे समय से चल रहे मतभेद का नतीजा था। खासकर इमिग्रेशन और सीमा सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों के बजट को लेकर दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन पा रही थी। अब सरकार आने वाले हफ्तों में बाकी फंडिंग से जुड़े फैसलों को भी अंतिम रूप दे सकती है। इसके लिए ‘सुलह प्रक्रिया’ (Reconciliation) का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसमें कम राजनीतिक समर्थन के साथ भी बिल पास किया जा सकता है।
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