हिमाचल डेस्कः प्रदेश में पेट्रोल-डीज़ल का संकट बढ़ गया है। प्रदेश के कई जिलों में ईंधन की राशनिंग शुरू हो गई है। मनाली और शिमला के बाद अब मंडी जिले के पेट्रोल पंपों पर भी पेट्रोल व डीजल लिमिट के साथ ही दिए जा रहे हैं और टंकी फुल कराने से इनकार किया जा रहा है।
पिछले कुछ दिनों में ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। बीते दिनों 90 पैसे की एक बार बढ़त के बाद पिछले 6 दिनों में पेट्रोल व डीजल के दाम करीब 4 रुपये तक बढ़ गए हैं। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मंडी जिले की जनता का कहना है कि ईंधन महंगा होने से रोजमर्रा की चीज़ों पर असर पड़ेगा और महंगाई का बोझ आम आदमी पर और बढ़ेगा।
मंडी के पेट्रोल पंप संचालक कुनाल पुरी ने बताया कि 15 मई से अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दो बार बढ़ोतरी हुई है और एक हफ्ते में कुल मिलाकर करीब 4 रुपये तक की वृद्धि दर्ज की गई है। निर्माणाधीन नेशनल हाईवे के कारण यहाँ डीजल की खपत पेट्रोल की तुलना में अधिक हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशों के अनुसार नियंत्रित तरीके से ईंधन का वितरण किया जा रहा है।
मंडी के पड्डल के पास बस स्टैंड के निकट एक पेट्रोल पंप पर राशनिंग लागू है। वहां एक समय में वाहनों में 500 और 1000 रुपये से अधिक का पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जा रहा है। स्कूटी में 400–500 रुपये और चारपहिया वाहन के लिए 1000 रुपये का ईंधन ही दिया जा रहा है। हालांकि पेट्रोल पंप के मालिक ने बाद में कहा कि एक दिन समस्या रही, लेकिन अब जो जितना ईंधन मांग रहा है, उसे दिया जा रहा है।
कहां-कहां दिक्कत
मंडी के अलावा मनाली में भी पेट्रोल-डीज़ल की किल्लत बनी हुई है।
शिमला शहर और रामपुर में भी सप्लाई न होने के कारण राशनिंग की जा रही है।
तेल कंपनियों का दावा है कि वास्तविक रूप से ईंधन की कमी नहीं है।
रामपुर का हाल
शिमला जिले के रामपुर में मंगलवार को सात में से पांच पेट्रोल पंप पूरी तरह खाली रहे। खनेरी पेट्रोल पंप पर थोड़ा तेल था, लेकिन वहां भी छोटे वाहनों को ही 500 रुपये तक पेट्रोल दिया गया। निरसू, दत्तनगर, पाटबंगला, ज्यूरी और बधाल के पेट्रोल पम्प खाली मिले। पाटबंगला स्थित पेट्रोल पंप पर 12 मई के बाद से ईंधन की सप्लाई नहीं आई है।