Last Updated: September 23, 2026

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PoK में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, हिंसा में कई लोगों की मौत, 70 घायल

June 9, 2026

PoK में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, हिंसा में कई लोगों की मौत, 70 घायल

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। सरकार द्वारा जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पर आतंकवाद-रोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगाने के बाद क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विरोध शुरू हो गया। यह प्रतिबंध लगने के बाद पुलिस और सुरक्षाबलों ने संगठन से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, जिससे तनाव और बढ़ गया।

रावलाकोट में कैसे भड़की हिंसा
हिंसा की शुरुआत रावलाकोट शहर में हुई। एक कार्यकर्ता की मौत पहले गोलीबारी में हुई थी। उसका शव अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया था। JAAC समर्थक वहां इकट्ठा हुए थे। इसी दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। इस झड़प में हालात बिगड़ते चले गए और कई लोग मारे गए।

रिपोर्ट्स के अनुसार करीब 11 लोगों की मौत हुई। 70 से ज्यादा लोग घायल हुए। इनमें पुलिसकर्मी और आम नागरिक दोनों शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि असली संख्या सरकारी आंकड़ों से ज्यादा हो सकती है।

हिंसा में पुलिस और प्रदर्शनकारी दोनों को नुकसान
इस घटना में दोनों तरफ से नुकसान हुआ। 4 पुलिसकर्मियों की मौत, 1 राहगीर की भी मौत, बाद में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 6 प्रदर्शनकारियों की जान गई। कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।

लोग विरोध क्यों कर रहे हैं
POK 45 सीटों वाली विधानसभा में 12 सीटें उन लोगों के लिए आरक्षित हैं जो कश्मीर से बाहर पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में रहते हैं। JAAC का कहना है कि इससे स्थानीय लोगों का हक कम होता है। उनका राजनीतिक प्रतिनिधित्व कमजोर पड़ता है। इसलिए वे इस व्यवस्था को खत्म करने की मांग कर रहे हैं।

महंगाई और बेरोजगारी
JAAC लंबे समय से कई मुद्दों पर विरोध कर रहा है, जैसे बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बिजली की कमी, खराब प्रशासन, सरकार की अनदेखी। पिछले कुछ सालों में संगठन ने खासकर आटे की कीमत, बिजली के बढ़ते बिल के खिलाफ बड़े प्रदर्शन किए हैं।

9 जून को बंद का ऐलान
JAAC ने 9 जून को पूरे क्षेत्र में बंद का ऐलान किया। इस बंद की वजहें आरक्षित सीटों का विरोध, संगठन पर प्रतिबंध, इंटरनेट सेवाओं पर रोक, एक नेता की मौत का विरोध।

मानवाधिकार आयोग की चिंता
पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने इस हिंसा पर चिंता जताई है। उसने कहा कि लोगों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार मिलना चाहिए। समस्याओं का हल बातचीत से निकाला जाना चाहिए। मामले की जांच के लिए टीम भेजी जाएगी

कई इलाकों में इंटरनेट बंद
27 जुलाई को होने वाले चुनावों से पहले स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कई इलाकों में इंटरनेट बंद है। बड़े जमावड़ों पर रोक है। JAAC का मुख्य कार्यालय सील कर दिया गया है।

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