Last Updated: October 2, 2026

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‘पूरी तरह सम्मान की हकदार’, पद्म श्री मिलने पर हॉकी इंडिया ने सविता पूनिया को दी बधाई

June 24, 2026

‘पूरी तरह सम्मान की हकदार’, पद्म श्री मिलने पर हॉकी इंडिया ने सविता पूनिया को दी बधाई

हॉकी इंडिया ने अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा भारत के चौथे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार पद्म श्री से सम्मानित किए जाने पर बधाई दी।

इस उपलब्धि का जश्न मनाते हुए, हॉकी इंडिया ने सविता को भारतीय खेल का “सच्चा आइकन” बताया और कहा कि यह सम्मान एक दशक से ज्यादा समय से भारतीय हॉकी में उनके बहुत बड़े योगदान को सही पहचान देता है। हॉकी इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “एक सच्चे आइकन के लिए पद्म श्री। भारतीय महिला हॉकी की दिग्गज खिलाड़ी सविता को भारतीय खेलों में उनके शानदार योगदान के लिए माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से पद्म श्री मिला। एक खिलाड़ी के लिए यह बहुत बड़ा सम्मान है, जिसने एक दशक से ज्यादा समय तक भारत के गोल पोस्ट की रक्षा की है, और अपनी बेहतरीन प्रतिभा, हिम्मत और लीडरशिप से लाखों लोगों को प्रेरित किया है।”

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इस बड़े सम्मान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भावुक सविता ने ‘आईएएनएस’ को बताया कि यह अवॉर्ड न केवल उनके लिए बल्कि उनके परिवार और टीम के साथियों के लिए भी बहुत गर्व की बात है, जो उनके इस सफर में उनके साथ खड़े रहे। सविता ने कहा, “मुझे बहुत अच्छा लग रहा है क्योंकि यह अपने आप में एक बहुत बड़ा अवॉर्ड है। जब मैंने हॉकी खेलना शुरू किया, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरा सफर इतना लंबा होगा और मुझे इतना बड़ा व्यक्तिगत सम्मान मिलेगा। यह मेरे, मेरे परिवार और मेरी टीम के लिए बहुत बड़ी बात है।”

अपने करियर के दौरान आई चुनौतियों के बारे में बताते हुए उन्होंने मुश्किल समय से उबरने में मदद करने का श्रेय अपने परिवार को दिया। उन्होंने आगे कहा, “ऐसे कई हालात थे जब मुझे लगा कि मुझे खेलना बंद करना पड़ेगा। हालांकि, मेरे परिवार के सपोर्ट की वजह से मैंने अपना हॉकी का सफर जारी रखा। आज मेरा परिवार मेरे साथ है, और सब बहुत खुश हैं। एक मिडिल-क्लास परिवार की लड़की होने के नाते, अपने माता-पिता से इतना सपोर्ट मिलना बहुत खास लगता है।”

सविता ने कहा कि उनका सफर देश भर की युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा का काम करेगा। उन्होंने कहा, “सभी के लिए एक अच्छा उदाहरण सेट होता है कि अगर सविता यह कर सकती है, तो हमारी लड़कियां भी कर सकती हैं। यह बहुत अच्छा लगता है। अगर आप किसी भी फील्ड में हैं, तो आपमें पैशन, डेडिकेशन और सब्र होना चाहिए। आज की पीढ़ी जल्दी नतीजे चाहती है, लेकिन स्पोर्ट्स में आपको कई चुनौतियों और संघर्षों का सामना करना पड़ता है। चोटें खेल का एक बड़ा हिस्सा हैं। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। आपको सब्र रखना होगा और कड़ी मेहनत करनी होगी।”

भारतीय हॉकी इतिहास की सबसे कामयाब गोलकीपरों में से एक, सविता ने 20 साल की उम्र में सीनियर इंटरनेशनल डेब्यू किया और तब से दुनिया की सबसे बेहतरीन गोलकीपरों में अपनी जगह बनाई। 2025 में वह पीआर श्रीजेश के बाद 300 इंटरनेशनल कैप पूरे करने वाली दूसरी भारतीय गोलकीपर बनीं, जिससे उनके लंबे समय तक खेलने और सबसे ऊंचे स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन का पता चलता है।

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