
bhiwani-canal-breach-disrupts-schedule : झज्जर। जवाहर लाल नेहरू (JLN) कैनाल में शेड्यूल के अनुसार पानी छोड़ना था, लेकिन सिंचाई विभाग ने तय समय पर पानी नहीं छोड़ा। इसका असर झज्जर, चरखी दादरी, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम तथा भिवानी के कुछ हिस्सों पर पड़ा है। इन जिलों में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने लगी है।
भिवानी क्षेत्र में नहर टूटने के कारण वहां के जलघरों को भरने के लिए अतिरिक्त पानी देना पड़ा, जिससे पूरे सिस्टम का शेड्यूल गड़बड़ा गया। यह भी जिक्र है कि सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री के गृह जिले भिवानी में नहर क्षतिग्रस्त होने के बाद वहां के जलघरों को भरने के लिए अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराया गया। इसी कारण डाउन स्ट्रीम के जिलों का निर्धारित शेड्यूल प्रभावित हो गया। इसका अब सीधा असर झज्जर समेत उन जिलों पर पड़ा, जिनकी जलापूर्ति जेएलएन कैनाल से होती है।
बता दें कि दक्षिणी हरियाणा की जीवन रेखा मानी जाने वाली 3541 क्यूसेक पानी की क्षमता की जवाहर लाल नेहरू कैनाल से सामान्य रूप से करीब 2800 क्यूसेक तक पानी छोड़ा जाता है, जिसमें से झज्जर जिले को लगभग 500 क्यूसेक पानी मिलता है। लेकिन पिछले कई दिनों से रोहतक तक केवल 500 क्यूसेक पानी ही चल रहा था। जिसे वही पर प्रयोग किया जा रहा है। इसके चलते झज्जर तक पानी नहीं पहुंच सका और जिले के जलघरों में पानी का स्तर लगातार कम होने लगा। बुधवार सुबह सिंचाई विभाग ने कैनाल में 1000 क्यूसेक पानी छोड़ दिया है।
अधिकारियों का अनुमान है कि यह वीरवार दोपहर बाद तक झज्जर पहुंच जाएगा। हालांकि, इससे केवल तत्काल राहत भी नहीं मिलेगी। नहर में पूरा निर्धारित जल प्रवाह बहाल होने और सभी जलघरों के भरने में अभी करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है। जिले में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की जलापूर्ति व्यवस्था काफी हद तक जेएलएन कैनाल पर निर्भर है। समय पर पानी नहीं मिलने से कई जलघरों में भंडारण कम होने लगा है। हालांकि, मौजूदा समय में मानसून के आने और उपलब्ध पानी का संतुलित उपयोग कर आपूर्ति बनाए रखने का विभाग प्रयास कर रहा है।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही पर्याप्त मात्रा में पानी झज्जर पहुंचेगा, पहले जलघरों को भरा जाएगा और उसके बाद नियमित जलापूर्ति पूरी क्षमता से शुरू होगी। यदि आगे कोई तकनीकी बाधा नहीं आई तो अगले एक सप्ताह में व्यवस्था पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है। इस संबंध में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता सतीश कुमार का कहना है कि भिवानी क्षेत्र में नहर टूटने के कारण वहां के जलघरों को भरने के लिए अतिरिक्त पानी की मांग की गई थी। इसी वजह से जेएलएन कैनाल का निर्धारित शेड्यूल प्रभावित हुआ। अब 1000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो वीरवार दोपहर बाद तक झज्जर पहुंचने की संभावना है। जिससे जलघरों को भरकर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। उसके बाद नहर में और पानी छोड़े जाने की संभावना है।
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