
दिव्यांगता को बनाया ताकत, बेसहारा कुत्तों के लिए बनीं सहारा
मोगा: शारीरिक दिव्यांगता के बावजूद बुलंद हौसले और सेवा भावना के दम पर मोगा की बलविंदर कौर ने इंसानियत की ऐसी मिसाल कायम की है, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है। पिछले करीब 25 वर्षों से वह बेसहारा, बीमार और घायल कुत्तों की निस्वार्थ सेवा कर रही हैं। सरकारी नौकरी की जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ उन्होंने बेसहारा कुत्तों की सेवा को अपने जीवन का मिशन बना लिया है। नगर निगम मोगा में सैनिटरी इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत बलविंदर कौर अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद सीधे अपने डॉग शेल्टर पहुंचती हैं। यहां वह बीमार और घायल कुत्तों की देखभाल करती हैं। इतना ही नहीं, वह स्वयं कुत्तों के लिए खाना तैयार करती हैं और शहर की गलियों में जाकर बेसहारा कुत्तों को भोजन भी करवाती हैं।
एक पिल्ले से शुरू हुआ सफर बना सेवा का मिशन
बलविंदर कौर बताती हैं कि नौकरी के दौरान उन्होंने एक छोटे से पिल्ले को घर लाकर उसकी देखभाल शुरू की थी। धीरे-धीरे जानवरों के प्रति उनका लगाव बढ़ता गया। इसके बाद उन्होंने सड़क पर रहने वाले बेसहारा कुत्तों को खाना खिलाना और घायल पशुओं का इलाज करवाना अपनी जिम्मेदारी समझ लिया। देखते ही देखते यह सेवा उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गई। घायल कुत्तों की सूचना मिलते ही पहुंचती हैं मौके पर जब भी किसी घायल या बीमार कुत्ते की सूचना बलविंदर कौर को मिलती है, वह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच जाती हैं। गंभीर रूप से घायल कुत्तों को डॉग शेल्टर में लाकर उनकी देखभाल और उपचार करवाया जाता है।
बलविंदर कौर की कहानी यह संदेश देती है कि सेवा के लिए न तो बड़े साधनों की जरूरत होती है और न ही किसी विशेष पहचान की जरूरत होती है तो सिर्फ एक संवेदनशील दिल और कुछ करने के मजबूत जज्बे की।
📍 Location: मोगा
मेष: दिन शुभ रहेगा...