नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी सोमवार को संसद परिसर में एक अनोखे अंदाज में नजर आईं। वह ‘मोदिया बिंद’ लिखा हुआ चश्मा पहनकर संसद पहुंचीं। मीडिया ने जब उनसे इस चश्मे के बारे में पूछा तो उन्होंने इसे केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थकों पर तंज बताया।
रेणुका चौधरी ने कहा कि यह चश्मा उन लोगों के लिए है, जिन्हें सरकार की कथित कमियां और देश में हो रही घटनाएं दिखाई नहीं देतीं। उन्होंने ऐसे लोगों के लिए ‘अंधभक्त’ शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को राम मंदिर से जुड़े कथित दान घोटाले, गिरते पुलों और NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दे दिखाई नहीं देते और वे केवल सरकार की तारीफ करते हैं। रेणुका चौधरी ने कहा, “इसलिए मैंने सोचा कि हमें सही मेडिकल इलाज का इंतजाम करना चाहिए। अगर मोतियाबिंद है, तो उसका भी इलाज करवा लेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों का इलाज मुफ्त में कराया जाएगा।
#WATCH | Delhi: Congress MP Renuka Chowdhury says, “These are glasses for the treatment of those ‘andhbhakts’… They don’t see the theft issue; they don’t see the bridge collapsing; they don’t see the NEET exam issue; they only offer praise. So, I thought we should arrange for… pic.twitter.com/HkxXnjpDWC
— ANI (@ANI) August 10, 2026
वहीं, बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने संसद में लगातार हो रहे हंगामे के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रही है। जगदंबिका पाल ने कहा कि पूरा देश देख रहा है कि विपक्ष किस तरह संसद में हंगामा कर रहा है। उन्होंने झारखंड में चल रहे विरोध प्रदर्शन का भी जिक्र करते हुए कहा कि वहां लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी और अखिलेश यादव वहां नहीं जा रहे हैं और इसके बजाय संसद की कार्यवाही को बाधित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार FCRA, परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संसद के मानसून सत्र में हो रहे व्यवधान के लिए राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जनता ने नेताओं को अपने मुद्दे संसद में उठाने के लिए चुना है, न कि सदन में हंगामा करने के लिए।
उन्होंने कहा, “पूरे मानसून सत्र के बर्बाद होने के लिए सिर्फ राहुल गांधी जिम्मेदार हैं। देश की जनता उन्हें माफ नहीं करेगी, क्योंकि उन्हें लोगों से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए चुना गया है, न कि हंगामा करने के लिए।” इस तरह सोमवार को संसद के बाहर और भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली। एक तरफ कांग्रेस ने छात्रों से जुड़े मुद्दे पर गृह मंत्री के बयान की मांग दोहराई, वहीं बीजेपी ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।