
फरीदकोट: जिला प्रोग्राम अधिकारी रतनदीप संधू के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला बाल सुरक्षा यूनिट, फरीदकोट द्वारा जिला बाल सुरक्षा अधिकारी अमनदीप सिंह सोढ़ी के नेतृत्व में प्रोजेक्ट जीवनजोत-02 के तहत बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चेकिंग अभियान चलाया गया।
बस स्टैंड, मुख्य बाजार और रेलवे स्टेशन पर हुई चेकिंग
अभियान के दौरान जिला बाल सुरक्षा यूनिट की टीम ने पुलिस विभाग के सहयोग से कोटकपूरा शहर के विभिन्न स्थानों, जिनमें बस स्टैंड, मेन बाजार, बतियां वाला चौक और रेलवे स्टेशन आदि शामिल हैं, पर चेकिंग की। अभियान का मुख्य उद्देश्य भीख मांगने या रैग पिकिंग करने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें रेस्क्यू करना तथा उनके अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करना था।
बच्चों से भीख मंगवाना कानूनी अपराध
इस अवसर पर प्रोटेक्शन अधिकारी सुखमंदर सिंह और सुखमजीत सिंह ने आम लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि बच्चों से भीख मंगवाना तथा उन्हें भीख मांगने या रैग पिकिंग जैसे कार्यों में लगाना कानूनन अपराध है। उन्होंने बताया कि बाल भिक्षावृत्ति करवाने वाले व्यक्ति के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 76 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों को भीख देने के बजाय शिक्षा से जोड़ने की अपील
अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की कि बच्चों को भीख देने के बजाय उन्हें शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्कूल जाने हेतु प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे का अधिकार है कि वह सुरक्षित वातावरण में अपना बचपन बिताए और शिक्षा हासिल करे। बच्चों को स्कूल से जोड़कर ही उनके भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है, ताकि वे पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बन सकें।
भविष्य में भी जारी रहेंगी चेकिंग मुहिम
उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसी चेकिंग मुहिम भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगी। बाल अधिकारों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर पुलिस विभाग के प्रतिनिधियों के अलावा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की सुपरवाइजर श्रीमती रमणदीप कौर भी उपस्थित थीं।
📍 Location: Faridkot (Faridkot)
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