कुल्लू: जिला की सैंज घाटी में बीते दिनों एनएचपीसी की टनल लीक होने के चलते ग्राम पंचायत रेला-2=की सड़क पूरी तरह से बंद हो गई है। ऐसे में यहां पर कई वाहन भी फंस गए हैं। इसके अलावा सेब के बागवानों को भी पैदल ही अपना सेब ढोना पड़ रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर विभिन्न पंचायत का एक प्रतिनिधिमंडल ढालपुर में एडीएम कुल्लू सुरजीत सिंह राठौर से मिला और उन्हें एक मांग पत्र भी सौंपा। वही पंचायत प्रतिनिधियों ने मांग रखी कि स्थानीय और मलबा के चलते जिन लोगों का नुकसान हुआ है। उस नुकसान की भरपाई एनएचपीसी के द्वारा ही की जाए।
ग्राम पंचायत रेला-2 के प्रधान डाबे राम ने बताया कि उनकी पंचायत की ओर जाने वाली सड़क मलबे के कारण पूरी तरह से बंद हो गई है। जिसके चलते बागवानों का सेब भी फंस गया है। कई बागवान पैदल ही अपने सेब को ढोकर ले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बागबानो के द्वारा सेब की धुलाई के लिए ट्रकों को एडवांस दिया गया था। लेकिन सड़क न होने के चलते उनका एडवांस भी खत्म हो गया है। इसके अलावा मलबे के कारण जिन-जिन दुकानदारों, घर मालिक को नुकसान हुआ है। उसकी भी जल्द से जल्द भरपाई की जानी चाहिए।
ग्राम पंचायत रेला के प्रधान टेक सिंह ठाकुर ने बताया कि ऊर्जा मंत्रालय की टीम ने भी मौके का दौरा किया है और स्थानीय लोगों ने भी अपनी समस्या ऊर्जा मंत्रालय के टीम के समक्ष रखी है। अब वह अपनी पूरी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे। उन्होंने बताया कि 2 महीने पहले भी एनएचपीसी को ज्ञापन दिया गया था और मांग रखी गई थी कि डंपिंग साइड से मलबा हटाया जाए। लेकिन उस दौरान एनएचपीसी ने इस और कोई काम नहीं किया। अब ग्रामीण फिर से मांग कर रहे हैं कि डंपिंग साइड से मलबा हटाया जाए और वहां पर सुरक्षा दीवार लगाई जाए ताकि दोबारा इस तरह की घटना पेश न सके।
ग्राम पंचायत रैला 2 के उपप्रधान मोती राम ने बताया कि 19 सितंबर को हुए नुकसान को लेकर आज ग्रामीण एडीएम को मिलने पहुंचे है। ऐसे में 16 सूत्रीय मांग पत्र सरकार को भेजा जा रहा है, जिसमें मांग रखी गई है कि रैला और रैला 2 के इलाकों में एनएचपीसी की दो टनल है। ऐसे में इस पूरे इलाके का जियोलॉजिकल सर्वे करवाया जाए।
📍 Location: KULLU (Kullu)
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