शिमला: उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री आज मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल सहित पार्टी के अन्य नेता एवं कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। यह प्रदर्शन राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष किया गया। प्रदर्शन के दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि देश में जिस स्तर पर सरकारें और वोट चोरी होने के आरोप सामने आए हैं, उनका पर्दाफाश हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब इन मामलों में चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आयोग के स्तर पर बड़ी संख्या में मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित किए जाने के आरोप सामने आए हैं।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान देश के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 13 करोड़ से अधिक नाम ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से हटाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। इंडियन एक्सप्रेस की जांच रिपोर्ट के अनुसार निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार विभिन्न निर्णयों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति दर्ज की। नए मतदाताओं के पंजीकरण और मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर भी सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि दो निर्वाचन आयुक्तों की ओर से दर्ज आपत्तियों के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर देशभर में चर्चा शुरू हुई है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आरोप चुनाव आयोग पर लग रहे हैं, लेकिन उनका जवाब भारतीय जनता पार्टी के नेता दे रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी लंबे समय से मतदाता सूचियों में गड़बड़ी और वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं और अब सामने आई रिपोर्ट ने इन सवालों को और गंभीर बना दिया है।
मुकेश अग्निहोत्री ने मांग की कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए और उन्हें तत्काल पद से हटाया जाए। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में चुनावों के दौरान मतदाता सूचियों में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं, दोबारा चुनाव करवाए जाने चाहिए। यदि केंद्र सरकार इन मांगों पर कार्रवाई नहीं करती है तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर देशव्यापी आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
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