Five Families Receive 25 Goats Under Project: मोगा। ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और उन्हें टिकाऊ आजीविका से जोड़ने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट ‘प्रगति’ के तहत गांव काहन सिंह वाला में पांच चयनित परिवारों को बकरी पालन के लिए कुल 25 पशु प्रदान किए गए। प्रत्येक परिवार को चार बकरियां और एक बकरा दिया गया। पहल के तहत लाभार्थियों को पशुओं की देखभाल, पोषण, साफ-सफाई और टीकाकरण संबंधी जानकारी भी दी जाएगी।
यह पहल नाबकिसान फाइनेंस लिमिटेड और नाबफाउंडेशन के सहयोग से शरण फाउंडेशन द्वारा संचालित की जा रही है। नाबफाउंडेशन की सार्वजनिक जानकारी के अनुसार प्रोजेक्ट प्रगति का व्यापक उद्देश्य ग्रामीण आजीविका को मजबूत करना, टिकाऊ कृषि और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के तहत प्रत्येक लाभार्थी परिवार को चार बकरियां और एक बकरा दिया गया। इस प्रकार पांच परिवारों को कुल 20 बकरियां और पांच बकरे प्रदान किए गए।
संस्था के अनुसार इस पहल का उद्देश्य परिवारों को केवल तत्काल सहायता उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसी गतिविधि से जोड़ना है, जिससे आने वाले समय में वे अपनी आय का एक अतिरिक्त और टिकाऊ स्रोत तैयार कर सकें। शरण फाउंडेशन के अध्यक्ष अमृतपाल सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट ‘प्रगति’ मोगा जिले के गांव काहन सिंह वाला और जोगेवाला में लागू किया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ टिकाऊ कृषि, प्राकृतिक खेती, बागवानी, पोषण बाग, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
सार्वजनिक रूप से उपलब्ध परियोजना संबंधी जानकारी में भी काहन सिंह वाला और जोगेवाला में प्राकृतिक खेती से जुड़े प्रशिक्षण तथा ग्रामीण समुदाय को टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ने का उल्लेख मिलता है। अमृतपाल सिंह ने कहा कि छोटे स्तर पर पशुपालन ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय का माध्यम बन सकता है। बकरी पालन के माध्यम से परिवार पशुओं की संख्या बढ़ाकर भविष्य में बकरी के बच्चों तथा दूध आदि से आय अर्जित कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए पशुओं की उचित देखभाल और स्वास्थ्य प्रबंधन बेहद जरूरी है।
प्रोजेक्ट के तहत लाभार्थी परिवारों को बकरियों की देखभाल, उचित खुराक, पोषण, साफ-सफाई, बीमारियों से बचाव और समय पर टीकाकरण संबंधी जानकारी भी दी जाएगी। संस्था का प्रयास है कि लाभार्थी परिवार बकरी पालन को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाते हुए इसे लंबे समय तक आय का साधन बना सकें। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट ‘प्रगति’ को केवल बकरी पालन तक सीमित नहीं रखा गया है। इसके अंतर्गत पोल्ट्री, पोषण बाग, प्राकृतिक खेती, बागवानी, मिट्टी की सेहत में सुधार, जल संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से मजबूत करने पर काम किया जा रहा है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...