
Karnal Mandi: FIR Over Suspected UP Paddy Sale : करनाल। जिले की मंडियों में उत्तर प्रदेश के धान की बिक्री रोकने के लिए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। इसी बीच घरौंडा की नई अनाज मंडी में बिना गेट पास दाखिल हुई धान से भरी तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का मामला सामने आया है।
धान की आवक में अनियमितता और हरियाणा के किसान पंजीकरण के कथित दुरुपयोग की आशंका पर मार्केट कमेटी की शिकायत के बाद घरौंडा थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। मामले में उत्तर प्रदेश से लाए गए धान की ई-खरीद किए जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। 25 अक्टूबर को सुबह करीब 7:45 बजे घरौंडा की नई अनाज मंडी के गेट नंबर-3 से तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बिना गेट पास मंडी में दाखिल हुई थीं। इन वाहनों का संबंध गांव बल्लाह निवासी कृष्ण और मंडी स्थित मैसर्स भीम सिंह संस के प्रोपराइटर अमित मान से बताया गया है।
मंडी में धान की आवक के भौतिक सत्यापन के दौरान संदिग्ध परिस्थितियां सामने आने पर मार्केट कमेटी सचिव सुनील कुमार ने पुलिस को शिकायत दी। इसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4), 336(2) और 61 के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में आशंका जताई गई है कि हरियाणा के किसानों के ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ (एमएफएमबी) पंजीकरण विवरण का कथित दुरुपयोग कर उत्तर प्रदेश से लाए गए धान की सरकारी खरीद प्रक्रिया में एंट्री कराई गई हो सकती है। पुलिस अब धान के वास्तविक स्रोत, किसान पंजीकरण के इस्तेमाल और मामले में संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करेगी।
मार्केट कमेटी की ओर से संबंधित फर्म को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। पुलिस से किसान पंजीकरण और भूमि रिकॉर्ड, ई-खरीद प्रणाली के ऑडिट ट्रेल, गेट पास रिकॉर्ड, वाहनों की आवाजाही, धान की खरीद व तौल से जुड़े दस्तावेजों और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच करने का अनुरोध किया गया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि करनाल की मंडियों में उत्तर प्रदेश से धान लाकर उसकी अनधिकृत बिक्री करने संबंधी किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पिछले वर्ष के अनुभवों को देखते हुए इस बार खरीद प्रक्रिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि स्थानीय किसानों के हित सुरक्षित रहें और सरकारी खरीद व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे। उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने भी स्पष्ट किया है कि बाहरी धान की अनधिकृत बिक्री रोकने के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। यदि किसी आढ़ती, किसान, अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि मंडियों में बाहरी धान की संदिग्ध आवक, किसान पंजीकरण के दुरुपयोग या खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता की जानकारी मिलने पर तुरंत अधिकारियों को सूचित करें। प्रशासन का उद्देश्य वास्तविक किसानों की फसल की नियमानुसार खरीद सुनिश्चित करना और पूरी व्यवस्था को निष्पक्ष व पारदर्शी बनाए रखना है।
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