Last Updated: October 31, 2026

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अमेरिका में पंजाबी युवती जैस्मीन गिल की हत्या पर मोगा में रोष, इंसाफ की मांग

October 31, 2026

अमेरिका में पंजाबी युवती जैस्मीन गिल की हत्या पर मोगा में रोष, इंसाफ की मांग

Moga Teachers’ Body Seeks Justice for Jasmine Gill : मोगा। अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित सैक्रामेंटो क्षेत्र में पंजाबी युवती जैस्मीन गिल की हत्या के मामले को लेकर डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डीटीएफ) जिला मोगा ने गहरा रोष जताया है। संगठन ने केंद्र और पंजाब सरकार से हस्तक्षेप कर अमेरिकी प्रशासन के साथ संपर्क स्थापित करने, जैस्मीन का पार्थिव शरीर भारत लाने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। डीटीएफ नेताओं ने उनके आठ महीने के बच्चे के भविष्य और देखभाल को ध्यान में रखते हुए नानी को उसकी जिम्मेदारी सौंपने के लिए भी उचित कदम उठाने की अपील की है।

संगठन ने केंद्र और पंजाब सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर अमेरिकी प्रशासन के साथ संपर्क स्थापित करने, जैस्मीन का पार्थिव शरीर भारत लाने और परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की अपील की है। डीटीएफ जिला मोगा के प्रधान सुखपालजीत मोगा ने बताया कि जैस्मीन गिल पंजाब के एक प्रगतिशील परिवार से संबंध रखती थीं। वह जनपक्षीय कवि पाश आजाद की बहन थीं। उनके पिता जगतार सिंह जलाजण पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन में सक्रिय रहे हैं, जबकि उनकी माता सुखविंदर कौर रानी ने डीएमसी अस्पताल की मैनेजमेंट की कथित मनमानी के खिलाफ चले संघर्ष में अहम भूमिका निभाई थी।

उन्होंने बताया कि जैस्मीन गिल का करीब ढाई वर्ष पहले मोगा के नजदीकी गांव डाला निवासी गुरविंदर सिंह गिल के साथ विवाह हुआ था। दंपती का करीब आठ महीने का बेटा भी है। संगठन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, जैस्मीन की हत्या के मामले में उनके पति गुरविंदर सिंह गिल को अमेरिकी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बच्चे की जिम्मेदारी नानी को सौंपने की मांग डीटीएफ नेताओं ने बताया कि जैस्मीन की माता सुखविंदर कौर रानी अपने नाती की देखभाल और उसके बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए बच्चे को अपने पास सौंपने की मांग कर रही हैं।

संगठन ने मांग की कि बच्चे के हितों को ध्यान में रखते हुए उसकी देखभाल और भविष्य के संबंध में उचित निर्णय लिया जाए तथा उसकी नानी को बच्चे की जिम्मेदारी सौंपने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। डीटीएफ के कार्यकारी जिला सचिव सुखविंदर सिंह घोलिया और वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरमीत सिंह झोरड़ा ने इस जघन्य अपराध की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पंजाब और केंद्र सरकार को अमेरिकी प्रशासन के साथ बातचीत कर जैस्मीन का पार्थिव शरीर भारत लाने की व्यवस्था करनी चाहिए। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए और मामले की जांच तथा कानूनी कार्रवाई से जुड़ी पूरी जानकारी परिवार के साथ साझा की जाए।

उन्होंने दोषी को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाने की भी मांग की। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकारों पर दबाव बनाने की अपील जिला उपाध्यक्ष स्वर्ण दास, संयुक्त सचिव अमनदीप माछीके और जिला वित्त सचिव गुरशरण सिंह ने कहा कि पंजाब, भारत और विदेशों में रहने वाले लोगों को इस अमानवीय घटना की निंदा करते हुए पीड़ित परिवार के समर्थन में आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विदेशों में रहने वाली भारतीय महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा और अन्य अपराधों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाना जरूरी है। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऐसे अपराधों की रोकथाम के लिए सरकारों पर दबाव बनाया जाना चाहिए।

इस मौके पर अमरदीप सिंह बुट्टर, जगजीत सिंह रणियां, नरेंद्र सिंह, दीपक मित्तल, मोंटू वर्मा, नछत्तर सिंह और नवदीप सिंह धूड़कोट सहित अन्य शिक्षकों ने भी जैस्मीन के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए इंसाफ की मांग का समर्थन किया।

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