Last Updated: November 5, 2026

Dainik Savera Times Logo

मंडी में सिर्फ ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति, ऑनलाइन बिक्री पर भी रोक

November 5, 2026

मंडी में सिर्फ ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति, ऑनलाइन बिक्री पर भी रोक

Mandi Allows Only Green Crackers During Festive Season : मंडी। दीपावली सहित आगामी त्योहारों पर वायु प्रदूषण और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिले में केवल ग्रीन पटाखे निर्धारित समय पर ही चलाए जा सकेंगे, जबकि अन्य पटाखों की बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए पटाखों की बिक्री पर भी रोक लगाई गई है।

इसके दृष्टिगत जिला दंडाधिकारी अपूर्व देवगन की ओर से जिला मंडी के लिए जारी निर्देशों के अनुसार वायु प्रदूषण में वृद्धि तथा बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन संबंधी रोगों से प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए जिले में केवल ग्रीन पटाखों (हरित पटाखों) के उपयोग की अनुमति होगी। अन्य सभी प्रकार के पटाखों का विक्रय और उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने पुलिस, नगर निगम, सभी उपमंडल अधिकारियों (ना.), शिक्षा विभाग (उच्च एवं एलिमेंटरी) तथा अग्निशमन विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन आदेशों का अपने-अपने क्षेत्राधिकार में अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।

इन निर्देशों के संदर्भ में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी, मंडी डॉ. मदन कुमार ने आज यहां बताया कि निर्धारित समय के अनुसार दीपावली पर्व पर 8 नवंबर, 2026 को रात्रि 8:00 बजे से 10:00 बजे तक ही ग्रीन पटाखे चलाए जा सकेंगे। 24 नवंबर, 2026 को गुरु परब पर प्रातः 4:00 बजे से 5:00 बजे तक तथा रात्रि 9:00 बजे से 10:00 बजे तक पटाखों के उपयोग की अनुमति होगी। क्रिसमस संध्या पर 25 व 26 दिसंबर, 2026 की मध्य रात्रि 11:55 बजे से 12:30 बजे तक तथा नववर्ष की पूर्व संध्या पर 31 दिसंबर, 2026 से 1 जनवरी, 2027 की मध्य रात्रि 11:55 बजे से 12:30 बजे तक ही ग्रीन पटाखे चलाए जा सकेंगे।

उन्होंने बताया कि जारी दिशानिर्देशों के अनुसार फ्लिपकार्ट, अमेजन अथवा अन्य किसी ई-कॉमर्स मंच के माध्यम से पटाखों के ऑनलाइन ऑर्डर लेने या ऑनलाइन बिक्री करने की भी अनुमति नहीं होगी। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रदेश के चयनित स्थानों की परिवेशी वायु गुणवत्ता और वायु गुणवत्ता सूचकांक की नियमित निगरानी की जा रही है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, विक्रेताओं और सभी संस्थानों से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य के हित में इन निर्देशों का पूर्ण पालन करें।

आदेशों का उल्लंघन करने पर पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15, भारतीय दंड संहिता की धारा 188 तथा अन्य लागू प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें