Last Updated: September 22, 2026

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UP में 24 घंटे में 35 लोगों की मौत, IMD ने दी चेतावनी, कहा- खराब मौसम में पेड़ के नीचे नहीं रहे

June 16, 2025

UP में 24 घंटे में 35 लोगों की मौत, IMD ने दी चेतावनी, कहा- खराब मौसम में पेड़ के नीचे नहीं रहे

नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश में मानसून के आगमन से ठीक पहले मौसम में तेज बदलाव देखने को मिल रहा है। तेज हवाओं, बादलों की गर्जना और हल्की बारिश के साथ अब आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। बीते 24 घंटों में प्राकृतिक आपदा ने राज्य में बड़ा असर डाला है। राज्य सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक दिन में 35 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से 29 लोग आकाशीय बिजली की चपेट में आकर मारे गए। ये घटनाएं मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों और खेतों में काम कर रहे लोगों के साथ हुईं। बिजली गिरने की ये घटनाएं मानसून पूर्व मौसम के उतार-चढ़ाव की चेतावनी हैं। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

अगले 7 दिन बेहद संवेदनशील…

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने जनता को आगाह किया है कि अगले 7 दिनों तक उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को इस दौरान बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। “अगर मौसम खराब हो तो खुले में न जाएं। बड़े पेड़ों के नीचे या खाली मैदानों में खड़े होने से बचें। मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी सावधानी से करें और सुरक्षित आश्रय स्थल पर रहें।”

क्यों बढ़ गई हैं आकाशीय बिजली की घटनाएं ?

वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में इस समय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय है। इससे वातावरण में नमी, बादलों की सक्रियता और स्थैतिक बिजली का निर्माण अधिक हो रहा है। साथ ही मानसून के करीब आने से तापमान और आर्द्रता के टकराव से बिजली गिरने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि 18 जून तक मानसून यूपी में दस्तक दे सकता है, लेकिन उससे पहले बिजली गिरने, बारिश, तूफानी हवाओं और गरज-चमक की घटनाएं जारी रहेंगी।

UP के कई शहरों में लू जैसी स्थिति

जहां एक ओर कुछ हिस्सों में बारिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर कई शहरों में अभी भी झुलसाने वाली गर्मी बनी हुई है। वाराणसी 43.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर रहा। उरई और गाजीपुर में भी पारा 40 डिग्री से ऊपर पहुंच गया। शनिवार को उत्तर प्रदेश के सात शहरों में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से अधिक रिकॉर्ड किया गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में अब भी लू जैसी स्थिति बनी हुई है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी बारिश और मानसून की एंट्री के साथ इसमें जल्द ही राहत मिलेगी।

क्या करें, क्या न करें सुरक्षा के लिए सुझाव

मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देश…

-खराब मौसम में घर के अंदर रहें

-पेड़ों के नीचे खड़े न हों

-मोबाइल, ट्रांसमीटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक चीजों से दूरी बनाए रखें

-खेतों में काम करते समय मौसम पर नजर रखें

-मवेशियों को खुले में न छोड़ें

-बिजली गिरने पर तुरंत लो-लेवल जगहों पर जाएं

मानसून से पहले सावधानी जरूरी

उत्तर प्रदेश में मानसून से पहले जो मौसम बदल रहा है, वह सिर्फ राहत नहीं, खतरे का संकेत भी है। आकाशीय बिजली, तेज़ हवाएं और तापमान में उथल-पुथल से होने वाली प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्कता ही हमें सुरक्षित रख सकती है। आने वाले दिनों में नागरिकों को प्रशासन की ओर से जारी अलर्ट और सुझावों का पालन करना बेहद जरूरी है।

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