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Delhi Election Result : दिल्ली में बढ़ा बिहार के नेताओं का दबदबा, जानिए किस पार्टी से किसे मिली जीत

नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 70 में से 48 सीटों पर जीत हासिल की। इस जीत के साथ बीजेपी 27 साल बाद दिल्ली की सत्ता में वापस आई है। हालांकि, इस चुनाव में केवल दिल्ली के मुद्दे ही नहीं, बल्कि बिहार, पंजाब और.

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नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 70 में से 48 सीटों पर जीत हासिल की। इस जीत के साथ बीजेपी 27 साल बाद दिल्ली की सत्ता में वापस आई है। हालांकि, इस चुनाव में केवल दिल्ली के मुद्दे ही नहीं, बल्कि बिहार, पंजाब और उत्तर प्रदेश के लोगों के मुद्दे भी महत्वपूर्ण रहे। खासकर बिहार से जुड़े मुद्दों को लेकर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) और चुनावी विजेता बीजेपी ने बिहार के उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा था। आइए जानते है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में बिहार के लोगों की स्थिति कैसी रही है, उन्होंने कौन-कौन से सीट पर अपनी जीत दर्ज की है।

बिहार के 6 उम्मीदवारों की चुनावी यात्रा

आपको बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में बिहार के छह उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। इनमें से चार को जीत मिली, जबकि दो को हार का सामना करना पड़ा। बीजेपी ने बिहार से दो और आम आदमी पार्टी ने चार उम्मीदवारों को टिकट दिया था। दोनों पार्टियों के दो-दो उम्मीदवार जीतने में सफल रहे, जबकि आम आदमी पार्टी के दो उम्मीदवार हार गए।

बिहार के उम्मीदवारों के चुनावी परिणाम

  1. संजीव झा – आम आदमी पार्टी के टिकट पर बुराड़ी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और 20,870 वोट से जीत हासिल की।
  2. अनिल झा वत्स – आम आदमी पार्टी के टिकट पर किरारी विधानसभा सीट से 21,871 वोट से जीते।
  3. डॉ. पंकज कुमार सिंह – भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर विकासपुरी विधानसभा सीट से 13,364 वोट से जीत हासिल की।
  4. विनय मिश्रा – आम आदमी पार्टी के टिकट पर द्वारका विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और 7,829 वोट से हार गए।
  5. अभय वर्मा – भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर लक्ष्मी नगर विधानसभा सीट से 11,542 वोट से जीत दर्ज की।
  6. सोमनाथ भारती – आम आदमी पार्टी के टिकट पर मालवीय नगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और 2,131 वोट से हार गए।

दिल्ली में बिहार के नेताओं का दबदबा 

दिल्ली में बिहार के लोगों की संख्या काफी अधिक है, जिससे दिल्ली की सियासत में बिहार के नेताओं का प्रभाव साफ देखा जाता है। इसी वजह से बीजेपी ने मनोज तिवारी जैसे बिहार से जुड़े चेहरों को भी चुनावी मैदान में उतारा था। हालांकि, उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उनका चेहरा चुनावी प्रचार से हटा दिया गया। इसके अलावा, छठ पर्व के मौके पर यमुना नदी की गंदगी पर भी हर साल चर्चा होती है। छठ घाट बनाने को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चलता रहता है। यह भी एक उदाहरण है कि कैसे बिहार के मुद्दे दिल्ली के चुनावों में अहम रहते हैं।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बिहार के उम्मीदवारों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। दोनों प्रमुख पार्टियों ने बिहार के लोगों को टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा, और परिणामस्वरूप दोनों ने कुछ सीटों पर जीत भी दर्ज की। यह दिखाता है कि दिल्ली की राजनीति में बिहार का प्रभाव और इन मुद्दों का महत्व हमेशा बना रहता है।

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