नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस के अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान राम का अपमान करना, भगवान वाल्मीकि का अपमान करने के समान है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “जो लोग भगवान राम को गाली देते हैं, वे भगवान वाल्मीकि का अपमान करते हैं। और जो लोग भगवान वाल्मीकि का अपमान करते हैं, वे भगवान राम का भी अपमान करते हैं।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान उस समय आया जब राज्य सरकार महर्षि वाल्मीकि जयंती को धूमधाम से मना रही थी। इस अवसर पर राज्यभर में वाल्मीकि से जुड़े मंदिरों और स्थलों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें रामायण पाठ, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भक्ति गीत, भजन और दीप प्रज्वलन समारोह शामिल थे।
यह भी पढ़ें: ‘छह और ग्यारह, NDA नौ दो ग्यारह’, लालू यादव का कटाक्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। प्राचीन काल से ही उनके पवित्र और आदर्श विचारों का हमारे समाज और परिवारों पर गहरा प्रभाव रहा है। सामाजिक समरसता पर आधारित उनका वैचारिक प्रकाश स्तंभ सदैव सभी नागरिकों के जीवन को आलोकित करता रहेगा।”
महर्षि वाल्मीकि जयंती एक हिंदू त्योहार है, जो हिंदू महाकाव्य रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की जयंती के रूप में मनाया जाता है। उन्हें संस्कृत के पहले कवि और ‘आदि कवि’ के रूप में सम्मानित किया जाता है। उनकी काव्य रचनाएँ और धार्मिक विचार समाज में गहरी छाप छोड़ चुके हैं, और उन्हें साहित्य तथा अध्यात्म के क्षेत्र में अपार योगदान के लिए पूजा जाता है।
यह भी पढ़ें: ‘…तो हम 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बना सकते हैं’, राजनाथ सिंह ने गिनाए आत्मनिर्भरता के 3 लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सरकार ने 7 अक्टूबर को राज्यव्यापी महर्षि वाल्मीकि जयंती को धूमधाम से मनाने का ऐलान किया। इस अवसर पर विशेष रूप से चित्रकूट में महर्षि वाल्मीकि की साधना स्थली पर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने संस्कृति विभाग को निर्देश दिया है कि वे जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति और सामुदायिक भागीदारी पर ध्यान केंद्रित करें, ताकि कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोग जुड़ सकें।
महर्षि वाल्मीकि की जयंती, हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है, जो ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार सितंबर और अक्टूबर के बीच आती है। इस दिन को महर्षि वाल्मीकि के जीवन और उनके योगदान को याद करते हुए समाज में जागरूकता और समरसता फैलाने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भगवान राम और महर्षि वाल्मीकि के बीच संबंध पर दिया गया बयान, इस जयंती के महत्व को और भी उजागर करता है, जिसमें रामायण की रचना और राम के आदर्शों को समाज में फैलाने की अपील की गई है।