नेशनल डेस्क: भारतीय जनता पार्टी के नेता संबित पात्रा ने गुरुवार को कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर कड़ा हमला करते हुए नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले को “डकैती का मामला” करार दिया। पात्रा ने भुवनेश्वर में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान यह आरोप लगाया कि गांधी परिवार के सदस्य आधुनिक समय के डकैत हैं, जिन्होंने खुली डकैती की योजना बनाई है।
संबित पात्रा ने गांधी परिवार को घेरा
संबित पात्रा ने कहा, “क्या एक राजनीतिक पार्टी किसी अन्य संस्था को पैसा उधार दे सकती है? कांग्रेस पार्टी, जो दान पर निर्भर है, ने कैसे यंग इंडियन और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को बैंक की तरह पैसे उधार दिए?” उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला “चोरी” या “भ्रष्टाचार” से कहीं ज्यादा गंभीर है और इसे “खुली डकैती” के रूप में देखा जाना चाहिए। उनका कहना था कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने इस मामले में अपनी भूमिका निभाकर इसे एक डकैती में तब्दील कर दिया है।
#WATCH | Bhubaneswar, Odisha | ED has filed a chargesheet against Rahul Gandhi and Sonia Gandhi in the National Herald case.
BJP MP Sambit Patra says, “Can a political company lend money to another entity? How did the Congress party, which relies on donations, lend money to… pic.twitter.com/yWZf6BJept
— ANI (@ANI) April 17, 2025
यह बयान उस समय आया जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 15 अप्रैल को नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ अभियोजन शिकायत (आरोप पत्र) दायर किया। इस शिकायत में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा, सुमन दुबे और कई अन्य कंपनियों के नाम भी शामिल किए गए हैं।
25 अप्रैल को होगी सुनवाई
यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत दायर किया गया है। आरोपपत्र में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120 (बी), 403, 406 और 420 के तहत आरोप लगाए गए हैं। इस मामले को 25 अप्रैल को दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि ईडी द्वारा दायर किए गए आरोपपत्र के अनुसार, इस मामले की सुनवाई उसी न्यायालय में होनी चाहिए जिसने मनी लॉन्ड्रिंग अपराध का संज्ञान लिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि संबंधित अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग अपराध का निर्णय एक ही क्षेत्राधिकार में होना चाहिए। यह मामला भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर किया गया था, जिन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, उनकी सहयोगी कंपनियों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ यह शिकायत दी थी।

