नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मंगोलिया के राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना के साथ एक साझा संवाद में घोषणा की कि भारत, मंगोलिया के सीमा सुरक्षा बलों के लिए एक नया क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू करेगा। यह घोषणा मंगोलियाई राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान हुई, जो दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 70 साल और रणनीतिक साझेदारी के 10 साल पूरे होने के मौके पर की गई है।
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पीएम मोदी ने कहा कि भारत और मंगोलिया के रिश्ते सिर्फ सरकारों के बीच नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक बंधन पर आधारित हैं। उन्होंने बताया कि भारत मंगोलिया के सीमा सुरक्षा बलों को प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम शुरू करेगा। दोनों देश एक स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र का समर्थन करते हैं। भारत और मंगोलिया वैश्विक मंचों पर मजबूत साझेदार हैं और वैश्विक दक्षिण की आवाज़ को आगे लाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
#WATCH | Delhi | PM Modi and President of Mongolia, Khurelsukh Ukhnaa, release commemorative stamp to mark 70 years of diplomatic relations between India and Mongolia pic.twitter.com/CRFxmTCPrb
— ANI (@ANI) October 14, 2025
प्रधानमंत्री ने भारत-मंगोलिया संबंधों को और गहरा करने के लिए कई सांस्कृतिक पहलों की घोषणा की। भगवान बुद्ध के दो प्रमुख शिष्यों, सारिपुत्र और मौद्गल्यायन के पवित्र अवशेष 2026 में मंगोलिया भेजे जाएंगे। गंडान्टेगचिनलेन मठ में संस्कृत शिक्षक भेजा जाएगा ताकि बौद्ध ग्रंथों का अध्ययन किया जा सके। दस लाख प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण की परियोजना में तेजी लाई जाएगी। नालंदा विश्वविद्यालय और गंडान मठ के बीच शैक्षणिक और सांस्कृतिक संबंध और मजबूत किए जाएंगे।
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प्रधानमंत्री ने याद किया कि उन्होंने 2015 में मंगोलिया यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। तब से लेकर अब तक रक्षा सहयोग मजबूत हुआ है। भारत ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों से लेकर दूतावास में रक्षा अताशे की नियुक्ति तक कई कदम उठाए हैं।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi says, “India will also launch a new capacity-building program for Mongolia’s border security forces. Our approach to global issues is based on our shared values. We are close partners on international forums. Both countries support a… pic.twitter.com/ycTnfl69h1
— ANI (@ANI) October 14, 2025
मंगोलियाई राष्ट्रपति के भारत आगमन पर, राष्ट्रपति भवन में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम हुआ जिसका नाम था “एक पेड़ मां के नाम”। मोदी ने इसे भारत-मंगोलिया की दोस्ती और पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। दोनों नेताओं ने एक स्मारक डाक टिकट जारी किया, जो 70 साल की दोस्ती का प्रतीक है। इस दौरान कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर भी हुए, जिससे व्यापार, संस्कृति और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत होगा।
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