इंटरनेशनल डेस्क: म्यांमार में शुक्रवार को आए एक शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। भूकंप की तीव्रता 7.7 मापी गई, जिसके कारण अब तक 144 लोगों की मौत हो चुकी है और 732 लोग घायल हुए हैं। म्यांमार की सैन्य सरकार (जुंटा) के प्रमुख के अनुसार, मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की संभावना है, क्योंकि कई लोग अभी भी मलबे के नीचे फंसे हुए हैं।
इमारतें ढह गईं, सड़कों में बड़ी दरारें
भूकंप के झटके म्यांमार के विभिन्न हिस्सों में महसूस किए गए, जिससे कई इमारतें ढह गईं और सड़कों में बड़ी दरारें आ गईं। इसके अलावा, भूकंप ने तीन मस्जिदों और ऐतिहासिक अवा ब्रिज को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया है। यह ब्रिज करीब 90 साल पुराना है और ऐतिहासिक महत्व रखता है।
सरकार ने तेज किया बचाव कार्य
सरकार ने बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। सेना, पुलिस और राहत दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या में और इज़ाफा हो सकता है क्योंकि कई लोग अब भी मलबे में दबे हुए हैं।
पीएम मोदी ने जताई चिंता
पीएम मोदी ने म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के बाद की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सभी की सुरक्षा और खुशहाली के लिए प्रार्थना करता हूं। भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। इस संबंध में, हमने अपने अधिकारियों से तैयार रहने को कहा है। साथ ही विदेश मंत्रालय से म्यांमार और थाईलैंड की सरकारों के साथ संपर्क में रहने को कहा है।
क्यों आते हैं भूकंप?
बीते कुछ दिनों में भारत समेत पूरी दुनिया में भूकंप की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। दरअसल, हमारी धरती के भीतर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार अपने स्थान पर घूमते रहती हैं। हालांकि, ये प्लेट्स कई बार फॉल्ट लाइन पर टकराती हैं, जिससे घर्षण पैदा होता है। इस घर्षण से निकली ऊर्जा बाहर निकलने का रास्ता तलाशती हैं। इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को लगातार मिलती रही थी हैं।