Last Updated: September 22, 2026

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Ahmedabad Tragedy: ‘उड़ान से पहले विमान और इंजन में कोई खराबी नहीं थी’, Air India हादसे पर CEO का बयान

June 19, 2025

Ahmedabad Tragedy: ‘उड़ान से पहले विमान और इंजन में कोई खराबी नहीं थी’, Air India हादसे पर CEO का बयान

नई दिल्ली: एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने अहमदाबाद में हुए विमान हादसे को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में विमान या उसके इंजनों में कोई तकनीकी खराबी नहीं पाई गई है।

विमान की स्थिति उड़ान से पहले कैसी थी?

एयर इंडिया के अनुसार, विमान का नियमित रखरखाव समय पर और ठीक से किया गया था। आखिरी बड़ी जांच जून 2023 में हुई थी, और अगली जांच दिसंबर 2025 में निर्धारित थी। दाहिने इंजन की मरम्मत मार्च 2025 में हुई थी। बाएं इंजन का निरीक्षण अप्रैल 2025 में किया गया था। उड़ान से पहले की गई सभी नियमित जांचों में कोई गड़बड़ी नहीं मिली। सीईओ ने कहा, “हम हादसे की जांच के लिए अधिकारियों की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।”

बोइंग 787 विमानों की जांच जारी

14 जून को DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने आदेश दिया कि एयर इंडिया के सभी 33 बोइंग 787 विमानों की गहराई से जांच की जाए। अब तक 26 विमानों की जांच पूरी हो चुकी है और उन्हें फिर से उड़ानों के लिए मंजूरी मिल चुकी है। बाकी विमानों की अतिरिक्त जांच जारी है और उन्हें सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही उड़ान में शामिल किया जाएगा। DGCA ने पुष्टि की है कि एयर इंडिया का 787 विमान बेड़ा और रखरखाव प्रणाली पूरी तरह से सुरक्षा मानकों के अनुरूप है।

ब्लैक बॉक्स: जांच का अगला चरण

ब्लैक बॉक्स (दो हिस्सों में – DFD और CVR) विमान की सुरक्षा जांच में सबसे अहम होता है। पहला हिस्सा 13 जून को मिला, जबकि दूसरा हिस्सा 16 जून को बरामद हुआ। यह विमान दो ब्लैक बॉक्स सिस्टम से लैस था, जिससे और भी ज्यादा तकनीकी जानकारी मिलने की उम्मीद है। ब्लैक बॉक्स की जांच के बाद ही हादसे की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।

अमेरिका भेजा जाएगा ब्लैक बॉक्स

हादसे के बाद बरामद किए गए ब्लैक बॉक्स को लेकर सबसे बड़ी चुनौती यह सामने आई कि वह गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे भारत में उसका डेटा रिकवर कर पाना नामुमकिन है। इसलिए अब उसे अमेरिका के नेशनल ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बोर्ड (NTSB) की प्रयोगशाला में विश्लेषण के लिए भेजा जाएगा। भारतीय अधिकारियों की निगरानी में यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे और सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन हो।

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