नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 2002 के नीतीश कटारा हत्या मामले में 25 साल की सजा काट रहे विकास यादव की अंतरिम जमानत एक हफ्ते के लिए बढ़ा दी है। विकास यादव की जमानत आज समाप्त हो रही थी, इसलिए कोर्ट ने उनकी जमानत 2 सितंबर तक बढ़ा दी है।
54 वर्षीय विकास यादव, जो पिछले 23 वर्षों से जेल में हैं, ने यह जमानत अपनी शादी 5 सितंबर को होने के कारण मांगी थी। इसके पहले उन्हें अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए भी सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल चुकी है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 22 अगस्त को उनकी जमानत बढ़ाने से मना कर दिया था, जिसके खिलाफ यादव ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई एक अन्य न्यायपीठ (न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश की अध्यक्षता वाली) करेगी।
मई 2008 में निचली अदालत ने विकास यादव को नीतीश कटारा की हत्या का दोषी ठहराया था। 3 अक्टूबर 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने विकास यादव और उसके चचेरे भाई विशाल यादव को कटारा के अपहरण और हत्या में दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। आरोप है कि 16-17 फरवरी 2002 की रात, विकास यादव के कारण और उनकी बहन भारती यादव के साथ कटारा के कथित संबंध के चलते हत्या हुई थी।
भारती यादव उत्तर प्रदेश के पूर्व नेता डीपी यादव की बेटी हैं।
यादव को जमानत के दौरान उस गवाह से संपर्क न करने का निर्देश दिया गया है, जिसने उन्हें और नीलम कटारा (नीतीश कटारा की मां) के खिलाफ गवाही दी थी। पुलिस को गवाहों और नीलम कटारा की सुरक्षा सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। यादव की याचिका जिसमें सजा में छूट न मिलने का मुद्दा है, अभी भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। न्यायालय ने यह माना है कि यादव ने अब तक 23 साल की सजा पूरी कर ली है।
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