Last Updated: September 22, 2026

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Waqf Amendment Bill : संसद से पास हुआ वक्फ बिल तो बदल जाएंगे ये नियम… जानिए विस्तार से

April 2, 2025

Waqf Amendment Bill : संसद से पास हुआ वक्फ बिल तो बदल जाएंगे ये नियम… जानिए विस्तार से

नेशनल डेस्क : वक्फ संशोधन विधेयक विचार और पारित कराने के लिए बुधवार को लोकसभा में लाया जाएगा और इस दौरान हंगामा होने के आसार हैं क्योंकि विपक्षी दल इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं। केंद्रीय अल्पसंख्यक और संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने पत्रकारों से कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में सदन की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में इस विधेयक पर 8 घंटे की चर्चा के लिए सहमति बनी जिसे सदन की भावना के अनुरूप और बढ़ाया जा सकता है। केंद्र सरकार इसे दोपहर 12 बजे लोकसभा में पेश करने वाली है। हालांकि, मुस्लिम संगठनों और विपक्षी दलों ने पहले ही इस बिल का विरोध शुरू कर दिया है। इस बिल के पास होने से वक्फ बोर्ड में कई महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं। आइए जानते हैं, क्या-क्या बदलाव हो सकते हैं…

  1. अपील का अधिकार

पहले:
वक्फ बोर्ड के खिलाफ केवल वक्फ ट्रिब्यूनल में ही अपील की जा सकती थी। और, वक्फ ट्रिब्यूनल का फैसला अंतिम माना जाता था, जिसे किसी अन्य अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती थी।

अब:
वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले को 90 दिनों के भीतर हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। यह कदम वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसलों की पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

  1. प्रबंधन और निगरानी

पहले:
वक्फ बोर्ड के खिलाफ कई बार दुरुपयोग की शिकायतें आती रही हैं। आरोप होते थे कि वक्फ बोर्ड कई बार लोगों की संपत्तियों पर जबरन दावा कर देता था।

अब:
अब वक्फ बोर्ड की सभी संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन जिला मुख्यालय में किया जाएगा। इससे संपत्तियों की निगरानी और प्रबंधन पारदर्शी होगा और दुरुपयोग की संभावनाओं को कम किया जा सकेगा।

  1. संपत्ति पर दावा करने का तरीका

पहले:
वक्फ बोर्ड किसी भी संपत्ति पर दावा कर सकता था, बिना किसी सत्यापन के।

अब:
वक्फ बोर्ड को किसी भी संपत्ति पर मालिकाना दावा करने से पहले यह सत्यापित करना अनिवार्य होगा कि वह संपत्ति वास्तव में वक्फ बोर्ड की है या नहीं। इस प्रक्रिया से संपत्तियों के दावों में पारदर्शिता और सही सत्यापन सुनिश्चित होगा।

  1. बोर्ड परिषद की सदस्यता में बदलाव

पहले:
वक्फ बोर्ड की परिषद में केवल मुस्लिम सदस्य ही शामिल हो सकते थे।

अब:
अगर वक्फ बिल पास हो जाता है, तो परिषद में 2 महिलाएं और 2 गैर-मुस्लिमों को शामिल करना अनिवार्य होगा। इससे वक्फ बोर्ड के संचालन में विविधता आएगी और इसमें महिलाओं तथा अन्य धर्मों के प्रतिनिधियों को भी मौका मिलेगा।

  1. विशेष समुदायों के लिए अलग प्रावधान

पहले:
वक्फ बोर्ड में सभी समुदायों के लिए समान कानून लागू होते थे।

अब:
अब बोहरा और आगाखानी मुसलमानों के लिए अलग से वक्फ बोर्ड बनाए जाएंगे। इससे इन समुदायों को अपनी धार्मिक और सामाजिक व्यवस्थाओं के अनुसार वक्फ बोर्ड के संचालन का अवसर मिलेगा।

  1. वक्फ बोर्ड के सदस्य

पहले:
वक्फ बोर्ड पर कुछ विशेष मुस्लिम समुदायों का कब्जा था, जिससे अन्य समुदायों को प्रतिनिधित्व में कमी हो सकती थी।

अब:
अब वक्फ बोर्ड में शिया और सुन्नी मुस्लिम समुदायों के अलावा पिछड़े वर्ग के मुस्लिम समुदायों से भी सदस्य बनाए जाएंगे। यह बदलाव वक्फ बोर्ड में अधिक समावेशिता लाने का प्रयास है।

  1. सेंट्रल वक्फ काउंसिल में सांसदों की एंट्री

पहले:
सेंट्रल वक्फ काउंसिल में 3 सांसद (2 लोकसभा और 1 राज्यसभा) होते थे और ये सभी सांसद मुस्लिम होने चाहिए थे।

अब:
केंद्र सरकार सेंट्रल वक्फ काउंसिल में 3 सांसद रखेगी, लेकिन अब यह जरूरी नहीं होगा कि ये तीनों सांसद मुस्लिम हों। इस बदलाव से अन्य समुदायों के सांसदों को भी काउंसिल में शामिल होने का मौका मिलेगा।

  1. सरकारी संपत्ति पर दावा

पहले:
वक्फ बोर्ड सरकारी संपत्तियों पर भी दावा कर सकता था और इन्हें वक्फ संपत्ति मान सकता था।

अब:
अब, सरकारी संपत्ति वक्फ से बाहर रहेगी, यानी वक्फ बोर्ड को सरकारी संपत्तियों पर मालिकाना हक नहीं मिलेगा। इससे सरकारी संपत्तियों पर वक्फ बोर्ड के दावों को रोकने में मदद मिलेगी।

वक्फ बिल में प्रस्तावित बदलावों से वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, समावेशिता और संतुलन आएगा। जबकि सरकार इसे सुधारात्मक कदम बता रही है, विपक्ष और कुछ मुस्लिम संगठनों द्वारा इसके विरोध के कारण यह विषय सियासी विवाद का कारण बना हुआ है। इस बिल के पास होने से वक्फ बोर्ड का ढांचा पहले से कहीं अधिक खुला और उत्तरदायी हो सकता है।

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