चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने शनिवार को ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत आपत्तियों और अपीलों को दाखिल करने की समय सीमा को कम करने के लिए पंजाब आबादी देह (अधिकारों का रिकॉर्ड) अधिनियम, 2021 में संशोधन को मंज़ूरी दे दी है।
इस संबंध में फैसला आज यहां मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया।
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मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह खुलासा करते हुए कहा कि कैबिनेट ने पंजाब आबादी देह (अधिकारों का रिकॉर्ड) अधिनियम, 2021 की धारा 11 में संशोधन को भी सहमति दी है, ताकि आपत्तियों को दाखिल करने और उनके निपटारे की अवधि को मौजूदा 90 और 60 दिनों से घटाकर 30 दिन किया जा सके, इसके लिए विशिष्ट समय अवधि को “सरकार द्वारा अधिसूचित समय के भीतर” से बदला जाएगा। इसी तरह, अधिनियम की धारा 12(4) में संशोधन करके अपीलों के निपटारे की अवधि को 60 दिनों से घटाकर 30 दिन करने का निर्णय लिया गया।
यह कदम आपत्तियों और अपीलों को सुलझाने की प्रक्रिया को और तेज़ करेगा, जिससे जनता को काफी फायदा होगा।
राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और व्यवसायों की वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, कैबिनेट ने औद्योगिक और व्यापार विकास नीति (IBDP) 2022 में एक ऐतिहासिक संशोधन को भी मंज़ूरी दी है, जो IBDP-2022 के तहत वित्तीय प्रोत्साहन का लाभ उठाने के लिए बैंक गारंटी (BG) प्रदान करने की शर्त को बदलता है।
यह फैसला उद्योग संघों के कई अभ्यावेदनों के बाद लिया गया है, जिसमें बताया गया था कि मौजूदा बैंक गारंटी की आवश्यकताएं कार्यशील पूंजी की बड़ी मात्रा को रोक रही थीं। इस तरलता की कमी को एक बड़ी बाधा के रूप में पहचाना गया, जो औद्योगिक विस्तार, अनुसंधान और विकास, और रोज़गार सृजन के लिए उपलब्ध धन को सीमित कर रही थी।
हालिया संशोधन के तहत, स्टाम्प शुल्क से छूट के प्रोत्साहन का लाभ उठाने के लिए, बैंक गारंटी की शर्त को उस संपत्ति पर वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की तारीख तक वैध फर्स्ट चार्ज से बदल दिया जाएगा, जिसके लिए प्रोत्साहन का लाभ उठाया गया है। इसके अलावा, CLU/EDC छूट के प्रोत्साहन के लिए, बैंक गारंटी के स्थान पर एक मजबूत तंत्र पेश किया गया है।
यह संशोधन नीति की प्रभावी तिथि यानी 17/10/2022 से लागू होगा। कैबिनेट ने गुरु नानक देव थर्मल प्लांट, बठिंडा की 253 एकड़ ज़मीन के पुनर्वितरण को भी मंज़ूरी दे दी है, जिसे आवास और शहरी विकास विभाग को ट्रांसफर किया गया था। अब 10 एकड़ ज़मीन का इस्तेमाल बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) लगाने के लिए किया जाएगा (PSPCL को ट्रांसफर), 10 एकड़ (नए बस स्टैंड के लिए) BDA के पास रहेगी और परिवहन विभाग को दी जाएगी, जो बठिंडा के डिप्टी कमिश्नर द्वारा तय कीमत पर ज़मीन की लागत BDA को ट्रांसफर करेगा। बाकी 20 एकड़ ज़मीन आवास और शहरी विकास विभाग आवासीय/व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए अपने पास रखेगा।
कैबिनेट ने नगर पालिकाओं और शहरी स्थानीय निकायों द्वारा बेची या ट्रांसफर की जाने वाली, यहाँ “चंक साइट्स” के रूप में परिभाषित, उच्च-मूल्य वाली संपत्तियों के लिए भुगतान अनुसूची में संशोधन के लिए पंजाब प्रबंधन और नगर पालिका संपत्तियों के हस्तांतरण नियम, 2021 के नियम 3 और 16 (1) में संशोधन करने पर भी अपनी सहमति दी। इससे निवेश, प्रतिस्पर्धी बोली बढ़ेगी और शहरी और विकास में महत्वपूर्ण निवेश आकर्षित होगा। इसके अलावा, यह योग्य बोलीदाताओं के समूह को काफी बढ़ाकर बाज़ार प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगा और बोली प्रक्रिया के दौरान प्रतिस्पर्धा को तेज़ करेगा।
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कैबिनेट ने MGNREGA पर केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा करने के लिए 30 दिसंबर, 2025 को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की भी मंज़ूरी दी।
कैबिनेट ने राय दी कि ये संशोधन न केवल योजना का नाम बदलने के लिए हैं, बल्कि योजना की मूल भावना को खत्म करने के लिए हैं।
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