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अम्बेडकर बयान पर बढ़ा विवाद, भाजपा और इंडिया समूह ने एक-दूसरे पर लगाये हिंसा के आरोप

December 19, 2024

अम्बेडकर बयान पर बढ़ा विवाद, भाजपा और इंडिया समूह ने एक-दूसरे पर लगाये हिंसा के आरोप

नयी दिल्ली: बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर पर विवाद गुरुवार को और बढ़ गया और संसद परिसर में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी इंडिया समूह के बीच लड़ाई का मैदान बन गया और दोनों की ओर से एक-दूसरे पर हिंसा करने के आरोप लगाये और मामला पुलिस तक पहुंच गया।

सत्ता और विपक्ष बीच टकराव बुधवार को ही शुरू हो गया था। विपक्ष ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सभा में संविधान की 75 वर्ष की गौरवपूर्ण यात्रा पर हुई चर्चा का जवाब देते हुये डॉ अम्बेडकर का अपमान किया। शाह और भाजपा के नेता इस आरोप का बार-बार खंडन करते रहे हैं। इस विवाद के कारण लोकसभा और राज्यसभा में आज भी कोई कामकाज नहीं हो सका, क्योंकि दोनों इस मसले को लेकर दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार स्थगित की गयी और फिर दिन भर के लिये स्थगित कर दी गयी। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष लगातार उनसे माफी मांगने और इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं।

संसद भवन परिसर में आज दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सदस्यों ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में अंबेडकर प्रतिमा से नये संसद भवन तक मार्च किया। उनका दल मकर द्वार पर पहुंच ही था कि वहां धक्कामुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गयी, जिसमें भाजपा सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत घायल हो गये। उन्होंने दावा किया कि गांधी ने सत्ता पक्ष के सदस्यों के साथ धक्का-मुक्की जिससे वे गिर गये और घायल हो गये।

कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और गांधी ने इन आरोपों से इनकार करते हुये कहा कि भाजपा सांसदों ने ही उन्हें संसद भवन में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश की थी। भाजपा ने हालांकि मामले को तूल देते हुये उसके दो सांसदों अनुराग सिंह ठाकुर और बांसुरी स्वराज ने संसद मार्ग थाने में श्री गांधी के खिलाफ ‘हत्या के प्रयास’ का मामला दर्ज कराया।

अस्पताल में भर्ती दो घायल सांसदों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी उनका हालचाल जानने के लिये फोन किया। संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने आरोप लगाया कि गांधी ने हमारे सांसदों मुकेश राजपूत और प्रताप सारंगी के साथ मारपीट की है। उन्होंने पूछा, “ किस कानून ने राहुल गांधी को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति दी है? ”

उन्होंने कहा कि यह घटना संसद के मुख्य प्रवेश द्वार पर हुई, जहां भाजपा सांसद विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कहा, “यह वही जगह है जहां विपक्ष रोजाना विरोध प्रदर्शन करता है। हमने विरोध इसलिये किया क्योंकि कांग्रेस ने हमेशा डॉ अंबेडकर का अपमान किया है।

दूसरी तरफ नागालैंड से निर्वाचित भाजपा सदस्य एस. फान्गनॉन कोन्याक ने राज्य सभा में कहा, “ उन्हें बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि सदन के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान, मैं मकर द्वार के बाहर सीढ़ियों के नीचे खड़ी थी। उस समय मेरे साथ बहुत ही निराशाजनक घटना घटी। लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने वहां मेरे पास आ गये, जिससे मैं असहज महसूस करने लगी और वह मेरे ऊपर चीखने लगे। मुझे लगा कि उनका यह व्यवहार विपक्ष के नेता के व्य़वहार से मेल नहीं खाता। ”

सुश्री कोन्याक ने कहा, “ ऐसा नहीं है कि मैं अपना बचाव करने में असमर्थ हूं। फिर भी मैंने अपने बचाव में कुछ नहीं किया लेकिन आज जो कुछ हुआ वह वास्तव में बहुत बुरा प्रकरण था। किसी भी महिला सदस्य के साथ, वह अनुसूचित जनजाति की सदस्य ही क्यों ने हो, ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिये, इसलिये मैं इस मामले में आपका (सभापति का) संरक्षण चाहती हूं। ”

इस बीच, इंडिया समूह ने आरोप लगाया कि भाजपा सांसदों ने गांधी के साथ ‘धक्कामुक्की’ की और विरोध दर्ज कराने के लिये लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखा। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ अपने आरोपों का समर्थन करने के लिये वीडियो भी साझा किये। भाजपा ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें गांधी सारंगी के गिरने के बाद उनके पास जाते हैं और फिर चले जाते हैं। भाजपा ने कहा कि दृश्य ‘गांधी वंशज के अहंकार’ को दर्शाते हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने एक क्लिप साझा की और आरोप लगाया कि भाजपा सांसद कांग्रेस सांसदों को संसद में प्रवेश करने से रोक रहे थे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसदों ने उन्हें धक्का दिया, जिसके कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वह गिर पड़े। उन्होंने पार्टी मुख्यालय में गांधी के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुये कहा, “ लेकिन वे हमें धक्का देने के लिए दोषी ठहरा रहे हैं।”

उन्होंने भाजपा पर महिलाओं सहित विपक्षी सांसदों को “शांतिपूर्ण” तरीके से प्रदर्शन करने और संसद भवन में प्रवेश नहीं करने देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने देश में जो माहौल बनाया है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और इसके खिलाफ पूरे देश में आंदोलन चलाया जा रहा है।

गांधी ने कहा कि भाजपा ‘अमेरिका में अडानी पर अभियोग’ के मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिये उन पर मारपीट समेत कई आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा, “ हमने अमित शाह से इस्तीफा देने को कहा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और आज जो हुआ, वह भाजपा द्वारा अडानी मुद्दे से देश का ध्यान भटकाने का एक और प्रयास है। उन्होंने अंबेडकर जी का अपमान किया है।

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “ उन्हें इसके लिये माफी मांगनी चाहिये और गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिये। हम शुरू से ही कहते आ रहे हैं कि भाजपा-आरएसएस की सोच हमेशा संविधान विरोधी और अंबेडकर जी के खिलाफ रही है। वे बाबा साहेब अंबेडकर जी के योगदान को मिटाना चाहते हैं, उन्होंने इसे सबके सामने पेश किया है। ”

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