नई दिल्ली: भारतीय एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। मलेशिया में पकड़े गए तीन फरार भारतीय गैंगस्टरों को भारत वापस लाया गया है। इन तीनों को भारत डिपोर्ट किए जाने के बाद पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। भारत लौटाए गए आरोपियों की पहचान जसप्रीत सिंह, अजय सिंह और पवनदीप सिंह के रूप में हुई है। बताया गया है कि तीनों का संबंध बंबीहा गैंग से है। भारतीय एजेंसियों के अनुसार, इन पर जबरन वसूली, सीमा पार से हथियारों की तस्करी, ड्रग्स की तस्करी और पंजाब के लुधियाना में एक नाकाम ग्रेनेड हमले समेत कई गंभीर मामलों में शामिल होने के आरोप हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय एजेंसियों ने मलेशियाई अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क और सहयोग के जरिए तीनों आरोपियों को भारत वापस लाने में सफलता हासिल की। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुरक्षित भारत के विजन के तहत भारतीय एजेंसियों ने साल 2026 में अब तक 51 खूंखार अपराधियों को विदेश से भारत डिपोर्ट करवाने में मदद की है। उन्होंने कहा कि विदेशों में छिपे अपराधियों को भारत लाकर उन्हें उनके अपराधों के लिए कानूनी कार्रवाई का सामना करवाया जा रहा है।
तीन गैंगस्टरों की वापसी ऐसे समय हुई है, जब भारतीय एजेंसियां विदेशों में छिपे अपराधियों और ड्रग तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर रही हैं। एजेंसियां दूसरे देशों के अधिकारियों के साथ मिलकर ऐसे आरोपियों की पहचान करने, उनका पता लगाने और उन्हें भारत वापस लाने पर काम कर रही हैं।
इससे पहले 14 अगस्त को भारत के वांटेड आरोपी वीरेंद्र सिंह बसोया उर्फ वीरू को UAE से भारत लाया गया था। दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उसे हिरासत में लिया गया। उस पर विदेश से एक आपराधिक सिंडिकेट की गतिविधियों को चलाने और भारत से दूसरे देशों में मेफेड्रोन की खेप भेजने में मदद करने के आरोप हैं।
भारत सरकार ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के तहत विदेशों में छिपे बड़े तस्करों को वापस लाने पर भी जोर दे रही है। इसके लिए भारतीय एजेंसियां इंटरपोल और दूसरे देशों की कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। इस अभियान के तहत पहले मोहम्मद सलीम डोला को तुर्किये से और नवीन चिचकर को मलेशिया से भारत वापस लाया जा चुका है। मोहम्मद सलीम डोला को अप्रैल 2026 में तुर्किये से डिपोर्ट किया गया था।
भारतीय एजेंसियों के अनुसार, वह एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़ा था और उसके दाऊद इब्राहिम सिंडिकेट से संबंध होने के आरोप हैं। भारत सरकार का कहना है कि विदेशों में छिपे ऐसे अपराधियों और ड्रग तस्करों को वापस लाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि उन्हें भारत में उनके खिलाफ दर्ज मामलों में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़े।
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