अयोध्या। महाशिवरात्रि पर बुधवार को अयोध्या में बड़ी संख्या में लोग शिव मंदिरों में पूजा-अर्चना करने के लिए उमड़े और भक्ति भाव से ‘‘हर हर महादेव’’ का नारा लगाया।
इस अवसर पर मंदिरों के शहर को सजाया गया। प्रमुख शिव मंदिरों में रोशनी का विशेष प्रबंध किया गया है। भगवान शिव को जल और दूध चढ़ाकर पवित्र जलाभिषेक करने के लिए आस-पास के जिलों से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। अधिकारियों ने बताया कि ऐसा अनुमान है कि मंगलवार तक करीब 15 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंच चुके थे तथा बुधवार को भीड़ और बढ़ गई। राम की पैड़ी स्थित प्राचीन नागेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुबह-सुबह ही कपाट खोल दिए गए।
मंदिर प्रशासक सभापति तिवारी ने कहा कि मंगलवार को भगवान शिव का भव्य श्रृंगार किया गया और मुख्य उत्सव से पहले अनुष्ठान पूरे किए गए। तिवारी ने बताया, ‘‘बुधवार रात को मंदिर से भव्य जुलूस निकाला जाएगा, जिसके बाद भगवान शिव का विवाह होगा।’’ शिव मंदिरों में पूजा-अर्चना करने के बाद कई भक्त दर्शन के लिए राम मंदिर पहुंचे। मंदिर सुबह पांच बजे खुला और आधी रात तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। नागेश्वर नाथ मंदिर और राम जन्मभूमि दोनों में आगंतुकों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर अधिकारियों ने भीड़ की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए उपाय किए हैं।
पुलिस क्षेत्रधिकारी आशुतोष तिवारी ने बताया कि मंदिर प्रबंधन के साथ चर्चा के परिणामस्वरूप देर रात शिव जुलूस निकालने का निर्णय लिया गया है। तिवारी के मुताबिक इसके अलावा, भीड़भाड़ को कम करने के लिए जुलूस के वापसी मार्ग को छोटा कर दिया गया है। जनवरी 2024 में यहां राम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद से, अयोध्या में आगंतुकों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई है। इसके अलावा, 13 जनवरी को प्रयागराज जिले में महाकुंभ की शुरुआत के बाद से ही यहां श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।