Last Updated: September 25, 2026

Dainik Savera Times Logo

बिहार में स्थापित होगा दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग, आज का दिन ही क्यों चुना गया, जानें वजह

January 17, 2026

बिहार में स्थापित होगा दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग, आज का दिन ही क्यों चुना गया, जानें वजह

धर्म डेस्क। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के कैथवलिया गांव में आज एक ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। जहां, बन रहे विराट रामायण मंदिर परिसर में दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। यह शिवलिंग अपने आकार, वजन और धार्मिक महत्व के कारण पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। आइये इसे विस्तार से जानते हैं…

सहस्त्रलिंगम शिवलिंग की खासियत
जिस शिवलिंग की स्थापना की जा रही है, उसे सहस्त्रलिंगम शिवलिंग कहा जा रहा है। इसकी लंबाई करीब 33 फीट, वजन लगभग 210 टन है। इतना ही नहीं, इस विशाल शिवलिंग के साथ 1072 देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की भी स्थापना होगी। शिवलिंग के लिए खास तौर पर 17 फीट लंबी माला भी तैयार की गई है, जो इसकी भव्यता को और बढ़ाती है।

स्थापना समारोह में शामिल होंगे सीएम नीतीश कुमार
इस पावन अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उपस्थित रहेंगे। उनके शामिल होने से यह आयोजन और भी महत्वपूर्ण बन गया है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और साधु-संतों के भी यहां पहुंचने की उम्मीद है।

आज का दिन ही क्यों चुना गया? जानिए वजह
शिवलिंग की स्थापना के लिए आज का दिन खास तौर पर चुना गया है, जिसके पीछे धार्मिक कारण हैं।

पंचांग के अनुसार विशेष तिथि
पंचांग के मुताबिक आज माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। यह तिथि 16 जनवरी रात 10:21 बजे शुरू हुई थी और 17 जनवरी रात 12:03 बजे तक रहेगी। इस तरह आज पूरा दिन चतुर्दशी तिथि का प्रभाव रहेगा।

चतुर्दशी तिथि और शिवरात्रि का महत्व
चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि माना जाता है, यानी यह भगवान शिव को समर्पित दिन होता है। शिवरात्रि को भगवान शिव की पूजा, अभिषेक और शिवलिंग स्थापना को अत्यंत शुभ माना जाता है। इसी कारण आज का दिन दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना के लिए चुना गया।

महाशिवरात्रि भी है नजदीक
आज से लगभग एक महीने बाद, यानी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। ऐसे में शिवभक्तों के लिए यह पूरा समय विशेष धार्मिक महत्व रखता है।

सहस्त्रलिंगम शिवलिंग स्थापना का पूरा मुहूर्त
शिवलिंग स्थापना से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान आज तय समय पर होंगे सुबह 8 बजे से 10 बजे तक विशेष पूजा। सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक हवन। इसी दौरान सहस्त्रलिंगम शिवलिंग की विधिवत स्थापना की जाएगी।

आस्था और श्रद्धा का बड़ा केंद्र बनेगा मंदिर
दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना के बाद विराट रामायण मंदिर आस्था का एक बड़ा केंद्र बनने की उम्मीद है। आने वाले समय में यहां देश-विदेश से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें