एंटरटेनमेंट डेस्क (फरीद शेख): ‘दादी की शादी’ एक ऐसी फिल्म है जो एक अच्छे और दिल छू लेने वाले कॉन्सेप्ट के साथ आती है, लेकिन कमजोर PR रणनीति और सीमित प्रमोशन की वजह से वह अपनी असली दर्शक वर्ग तक पूरी तरह पहुंच नहीं पाती। फिल्म परिवार, रिश्तों और भावनाओं को खूबसूरती से दिखाने की कोशिश करती है, मगर इसकी धीमी रफ्तार और कुछ खिंचे हुए दृश्य असर को थोड़ा कमजोर कर देते हैं।
कहानी में नया पन जरूर है और फिल्म एक मजबूत सोशल मैसेज देने की कोशिश करती है। कई जगह इमोशनल मोमेंट्स दिल को छूते हैं, हालांकि कुछ दृश्य जरूरत से ज्यादा ड्रामेटिक और लंबे महसूस होते हैं। इसके बावजूद फिल्म अपनी सादगी और पारिवारिक माहौल की वजह से पूरी तरह निराश नहीं करती।
कपिल शर्मा अपनी सहज मौजूदगी से कुछ हल्के-फुल्के पल लेकर आते हैं, जबकि नीतू कपूर अपने किरदार में गरिमा और भावनात्मक गहराई जोड़ने की कोशिश करती हैं। कलाकारों की मेहनत स्क्रीन पर साफ नजर आती है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और असमान रफ्तार फिल्म को पूरी तरह यादगार बनने से रोक देते हैं।
अशिष आर. मोहन का निर्देशन ईमानदार महसूस होता है। उन्होंने कहानी को हल्का और पारिवारिक बनाए रखने की कोशिश की है, और कई जगह फिल्म की सादगी अच्छी लगती है। हालांकि लेखन में और मजबूती होती तो भावनात्मक दृश्य ज्यादा प्रभाव छोड़ सकते थे। शिमला की खूबसूरत लोकेशन्स फिल्म को विजुअली आकर्षक बनाती हैं और पारिवारिक माहौल को गर्माहट देती हैं।

फिल्म की सबसे बड़ी कमी इसकी PR और प्रमोशन रणनीति नजर आती है। बड़े मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फोकस करने के चक्कर में क्षेत्रीय दर्शकों और रीजनल मीडिया तक फिल्म सही तरीके से पहुंच ही नहीं पाई। अगर फिल्म की मार्केटिंग जमीनी स्तर पर और बेहतर तरीके से की जाती, तो यह अपनी टारगेट ऑडियंस से ज्यादा मजबूत कनेक्शन बना सकती थी।
कुल मिलाकर, ‘दादी की शादी’ एक अच्छी मंशा और दिल से बनाई गई पारिवारिक फिल्म है, जो बेहतर लेखन और मजबूत PR सपोर्ट के साथ कहीं ज्यादा प्रभावशाली बन सकती थी। यह फिल्म पूरी तरह प्रभावित तो नहीं करती, लेकिन अपने भावनात्मक संदेश और पारिवारिक एहसास की वजह से एक हल्का मगर सकारात्मक असर जरूर छोड़ जाती है।
हर किरदार को मीडिया के सामने लाने, इंटरव्यूज़ और ground-level promotions पर ध्यान देने के बजाय प्रचार सिर्फ चुनिंदा बड़े platforms तक सीमित रहा। नतीजा ये हुआ कि फिल्म अपनी असली audience तक वैसा buzz नहीं बना पाई जिसकी वह हकदार थी।
कलाकार: Neetu Kapoor, Kapil Sharma, Riddhima Kapoor Sahni, Sadia Khateeb, Sarath Kumar, दीपक दत्ता, निकहत खान आदि।
निर्देशक: Ashish R. Mohan
Dainik Savera Times की ओर से 2 स्टार रेटिंग।