Dainik Savera Times

Movie Review: मैं वापस आऊंगा’ सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि जज़्बातों, जुदाई और फिर मिलने की उम्मीद से सजा एक खूबसूरत सफर है

एंटरटेनमेंट डेस्क (फरीद शेख): इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी म्यूजिकल-रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। यह फिल्म विभाजन के दौर में पनपी एक भावनात्मक और दिल को छू लेने वाली प्रेम कहानी को दर्शाती है। शानदार संगीत, खूबसूरत कहानी और कलाकारों के दमदार अभिनय के साथ यह फिल्म दर्शकों को एक खास सिनेमाई अनुभव देने का वादा करती है।

इम्तियाज अली एक बार फिर अपनी खास कहानी कहने की शैली के साथ लौटे हैं। फिल्म दर्शकों को 1940 के दशक के माहौल में ले जाती है, जहां उस दौर की भावनाएं और रिश्ते बेहद खूबसूरती से दिखाए गए हैं। यह कोई साधारण मसाला फिल्म नहीं है, बल्कि प्यार, रिश्तों और अलग-अलग पीढ़ियों की सोच को छूने वाली एक भावुक और दिल को छू लेने वाली म्यूजिकल कहानी है।

दिलजीत दोसांझ हमेशा की तरह अपनी आंखों के जज्बातों से मन के द्वंद्व को बखूबी पर्दे पर उतारते हैं। वहीं, उनके साथ स्क्रीन पर सरवरी वाघ की केमिस्ट्री काफी फ्रेश और दमदार लगती है। वेदांग रैना और नसीरुद्दीन शाह भी अपने किरदारों में बेहद प्रभावशाली हैं।

शरवरी वाघ पर्दे पर बेहद खूबसूरत लग रही हैं। उनकी आंखें हर इमोशन को बड़ी ही आसानी और ईमानदारी से दिखाती हैं। उनकी दमदार परफॉर्मेंस है।

नसीरुद्दीन शाह एक आइकॉन हैं। उनके टेलेंट को बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। वो जिस तरह के अभिनेता हैं, उसे शब्दों में बयां करना वाकई मुश्किल है

फिल्म दो समय-कालों में चलती है। एक तरफ युवा कीनू और जिया की प्रेम कहानी है, जो विभाजन से पहले के भारत में शुरू होती है, और दूसरी तरफ बुज़ुर्ग कीनू की कहानी, जो अपनी ज़िंदगी के आखिरी पड़ाव में एक बार फिर अपने उस शहर लौटना चाहता है जो अब पाकिस्तान में है।

कहानी फिर कई दशकों बाद पहुंचती है, जहां वही कीनू अब एक बुज़ुर्ग आदमी बन चुका है। उम्र के आखिरी पड़ाव में उसकी एक ही ख्वाहिश बचती है—अपने उस शहर और उन यादों के पास लौटना, जो बंटवारे के बाद पाकिस्तान में रह गए थे। इसी सफर में पुराना प्यार, अधूरी यादें और अपनेपन की तलाश फिर से सामने आती है।

‘मैं वापस आऊंगा’ सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि जज़्बातों, जुदाई और फिर मिलने की उम्मीद से सजा एक खूबसूरत संगीतमय सफर है।

दैनिक सवेरा टाइम्स एवं न्यूज़ मीडिया नेटवर्क इस यादगार फिल्म को ‘3 स्टार रेटिंग’ देता है। यह फिल्म दर्शकों को उस सुनहरे दौर में ले जाती है, जब प्यार को केवल एक भावना नहीं, बल्कि इबादत का दर्जा दिया जाता था। जुदाई का दर्द, मिलन की उम्मीद और रिश्तों की गहराई को फिल्म बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारती है।

Exit mobile version