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Shweta Menon obscene Movie: उच्च न्यायालय ने अभिनेत्री के खिलाफ प्राथमिकी की कार्यवाही पर लगाई अंतरिम रोक

कोच्चि: केरल उच्च न्यायालय ने गुरुवार को मलयालम फिल्म अभिनेत्री श्वेता मेनन के खिलाफ उनकी कुछ पिछली फिल्मों और विज्ञापनों के अश्लील दृश्यों के कथित प्रकाशन या प्रसारण के लिए दर्ज प्राथमिकी से संबंधित कार्यवाही पर रोक लगा दी।

न्यायमूर्ति वी. जी. अरुण ने अभिनेत्री द्वारा अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की याचिका पर अंतरिम आदेश पारित किया। उच्च न्यायालय ने कहा कि अभिनेत्री के वकील की दलीलों में प्रथम दृष्टया दम है। शिकायत को जाँच के लिए भेजने से पहले, पुलिस से रिपोर्ट मंगवाने और जाँच करने की आवश्यकताओं का पालन किया जाना चाहिए था।

“शिकायत दर्ज करने और पुलिस को भेजने की कम अवधि को देखते हुए, ऐसा प्रतीत होता है कि ऐसी कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। रजिस्ट्री, शिकायत को जाँच के लिए पुलिस को भेजने से पहले अपनाई गई प्रक्रिया के बारे में एर्नाकुलम के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से एक रिपोर्ट मंगवाएगी।”

उच्च न्यायालय ने कहा, “एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस स्टेशन के अपराध संख्या 1075/2025 (एफआईआर) में आगे की कार्यवाही पर अंतरिम रोक रहेगी।” इसने राज्य और उस शिकायतकर्ता को भी नोटिस जारी किया, जिसकी शिकायत पर मजिस्ट्रेट अदालत ने एफआईआर दर्ज होने के बाद आदेश दिया था।

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 67 (इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करना) और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम के प्रावधानों के तहत अभिनेत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

सॉल्ट एन पेपर, रथिनिर्वेदम और कलिमन्नु जैसी फिल्मों के लिए मशहूर मेनन, मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (एएमएमए) के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव मैदान में हैं।

कार्यकारी समिति का चुनाव 15 अगस्त को होना है।

एफआईआर रद्द करने की मांग वाली अपनी याचिका में, अभिनेत्री ने दावा किया है कि आरोप “दुर्भावनापूर्ण” प्रकृति के हैं और जिन अपराधों के लिए उन पर मामला दर्ज किया गया है, वे सिद्ध नहीं होते।

शिकायतकर्ता – मार्टिन मेनाचेरी – ने आरोप लगाया है कि मेनन कई फिल्मों – पलेरी मणिक्क्यम, रथिनिर्वेदम, कलिमन्न और एक कंडोम विज्ञापन में दिखाई दीं, जिसमें उनके अश्लील दृश्य थे, जिसका उद्देश्य आर्थिक लाभ प्राप्त करना था।

आरोपों को खारिज करते हुए, अभिनेत्री ने तर्क दिया है कि शिकायत में जिन फिल्मों का ज़िक्र किया गया है, वे विधिवत सेंसर और प्रमाणित हैं और कई वर्षों से सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म पालेरी माणिक्यम में उनके द्वारा निभाए गए किरदार के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का केरल राज्य पुरस्कार मिला था।

यहाँ तक कि जिस विज्ञापन में वह वर्षों पहले दिखाई दी थीं, उसे भी विधिवत सेंसर और प्रमाणित किया गया था, याचिका में कहा गया है।

याचिका में कहा गया है, “याचिकाकर्ता (मेनन) पर पोर्न साइट्स चलाने में शामिल होने का आरोप बेतुका और अपने आप में मानहानिकारक है। यह प्रस्तुत किया गया है कि ऐसे आरोप बिना किसी समर्थन सामग्री के, निर्दयी और गैर-ज़िम्मेदाराना तरीके से लगाए गए हैं।”

अभिनेत्री ने यह भी कहा कि एएमएमए अध्यक्ष पद के लिए उनके नामांकन दाखिल करने के बाद यह शिकायत दर्ज की गई थी।

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