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ड्रैगन बोट फेस्टिवल: चीन की गौरवशाली परंपरा

ड्रैगन बोट फेस्टिवल, जिसे चीन में त्वान वू फेस्टिवल के नाम से भी जाना जाता है, चीन का एक अत्यंत पारंपरिक और महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व प्रसिद्ध चीनी कवि और देशभक्त छू य्वान की स्मृति में मनाया जाता है। हर वर्ष, यह उत्सव चीनी चंद्र कैलेंडर के अनुसार पांचवें महीने की पांचवीं तारीख को आता है। इस दिन का सबसे खास आकर्षण ज़ोंग्ज़ी नामक पारंपरिक व्यंजन का स्वाद लेना और रोमांचक ड्रैगन बोट रेस देखना होता है। ज़ोंग्ज़ी दरअसल चिपचिपे चावल से बना एक पारंपरिक भोजन है, जिसे बांस या केले के पत्तों में लपेटकर पकाया जाता है। यह स्वाद में मीठा और नमकीन दोनों तरह का हो सकता है। यह कुछ हद तक समोसे जैसा दिखता है, लेकिन इसका स्वाद बिल्कुल अलग होता है।

इस उत्सव के दौरान लोग ज़ोंग्ज़ी का आनंद लेते हैं, रीयलगर वाइन नामक विशेष मदिरा पीते हैं, खुशबूदार जड़ी-बूटियों से बने छोटे-छोटे पाउच पहनते हैं, और घरों के दरवाजों पर मगवॉर्ट और कैलामस जैसी जड़ी-बूटियाँ लटकाते हैं। इसके अतिरिक्त, ड्रैगन बोट की तेज गति वाली रोमांचक दौड़ें होती हैं, जो देखने में अत्यंत मनोरंजक लगती हैं।

इस दिन एक और अनोखी और मजेदार परंपरा निभाई जाती है – दोपहर के समय अंडे को सीधा खड़ा करने का प्रयास करना। माना जाता है कि यदि कोई व्यक्ति अंडे को सफलतापूर्वक सीधा खड़ा कर पाता है, तो उसकी किस्मत अच्छी रहेगी। प्राचीन काल में लोगों का मानना था कि ये सभी प्रथाएं बीमारियों और बुरी आत्माओं से रक्षा करती हैं और स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हैं।

आधुनिक समय में भी यह त्योहार बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाता है। ड्रैगन बोट रेस और ज़ोंग्ज़ी खाने की परंपरा तो आज भी कायम है, लेकिन इसके साथ ही लोग फिल्में देखने जाते हैं, संगीत समारोहों में भाग लेते हैं, खरीदारी करते हैं और पार्कों में घूमते हैं। चीन के कई बड़े शहरों के विशाल पार्कों में इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक मेल-मिलाप के आयोजन होते हैं, जहाँ लोग खूब मस्ती करते हैं और अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं।

इस दिन लोग एक-दूसरे को ज़ोंग्ज़ी उपहार के रूप में भी देते हैं। सुपरमार्केट में ज़ोंग्ज़ी के आकर्षक गिफ्ट पैक उपलब्ध होते हैं। कार्यालयों में भी सहकर्मियों के साथ बैठकर ज़ोंग्ज़ी खाने का चलन है। स्कूलों में बच्चों को ज़ोंग्ज़ी वितरित किए जाते हैं ताकि वे भी इस महत्वपूर्ण परंपरा से अवगत हो सकें।

अब बात करते हैं इस त्योहार की शुरुआत की कहानी की। त्वान वू उत्सव चीन का एक पारंपरिक पर्व है जिसका इतिहास लगभग दो हजार वर्ष से भी अधिक पुराना है। इसकी उत्पत्ति के संबंध में कई अलग-अलग कहानियाँ प्रचलित हैं। कुछ लोगों का मानना है कि त्वान वू त्योहार प्राचीन चीन के यांग्त्सी नदी के पास रहने वाले लोगों द्वारा ड्रैगन की पूजा करने के साथ शुरू हुआ। हालांकि, सबसे अधिक प्रचलित मान्यता के अनुसार, यह त्योहार 278 ईसा पूर्व में प्राचीन देशभक्त कवि छू य्वान द्वारा अपनी मातृभूमि के लिए नदी में कूदकर आत्महत्या करने की याद में मनाया जाता है।

छ्वू य्वान युद्धरत राज्य काल (ईसापूर्व तीसरी शताब्दी) के छू राज्य के राजा के वफादार मंत्री थे। इस अवधि में छी, छू, यान, हान, चाओ, वेई और छिन सात प्रमुख राज्य थे, जिनमें छिन राज्य सबसे शक्तिशाली था। छिन राज्य अन्य छह राज्यों पर अपना आधिपत्य स्थापित कर पूरे चीन पर वर्चस्व कायम करने की महत्वाकांक्षा रखता था। छ्वू य्वान एक ज्ञानी और मेधावी व्यक्ति थे। उनका राजनीतिक दृष्टिकोण छू राज्य में राजनीतिक सुधार लाने और अन्य राज्यों को एकजुट कर छिन राज्य का मुकाबला करने का था।

हालांकि, छू राज्य के भ्रष्ट अधिकारियों ने उनके विचारों का पुरजोर विरोध किया। छू राज्य के राजा ने उन दुष्ट अधिकारियों के बहकावे में आकर छ्वू य्वान के सुझावों को अस्वीकार कर दिया और उन्हें राज्य से निष्कासित कर दिया। अपनी राजधानी से दूर होने के बावजूद, छ्वू य्वान छू राज्य के भविष्य को लेकर चिंतित रहते थे। अपने निर्वासन के दौरान, उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से अपने दुःख और अपने संप्रभु और लोगों के प्रति अपने गहरे प्रेम को व्यक्त किया।

कालांतर में, जब छू राज्य को छिन राज्य से हार का सामना करना पड़ा, तो छ्वू य्वान को गहरा दुख हुआ और वे निराश हो गए। उन्होंने अपनी छाती पर एक भारी पत्थर बांधकर मिलुओ नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली। वह दिन ईसापूर्व 278 में पांचवें महीने की पांचवीं तारीख थी।

जब लोगों को इस दुखद घटना की जानकारी मिली, तो वे नावों में सवार होकर उनकी तलाश में नदी की ओर दौड़े। छू य्वान के शरीर को मछलियों से बचाने के लिए, उन्होंने नदी में चावल से बनी चीजें फेंकीं। तभी से, हर साल पांचवें महीने की पांचवीं तारीख को ज़ोंग्ज़ी बनाकर उसे नदी में फेंकने और फिर उसे खाने की परंपरा शुरू हो गई। धीरे-धीरे, बोट रेस की परंपरा भी इस उत्सव का अभिन्न अंग बन गई।

आजकल, ड्रैगन बोट प्रतियोगिता न केवल त्वान वू उत्सव के दौरान आयोजित की जाती है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के रूप में विश्व के कई हिस्सों में भी लोकप्रिय हो गई है। यहां तक कि यह एक महत्वपूर्ण खेल आयोजन का रूप भी ले चुकी है। इस प्रतियोगिता में इस्तेमाल की जाने वाली ड्रैगन बोट पारंपरिक रूप से सागौन की लकड़ी से बनी होती है, और यह विभिन्न प्रकार के डिज़ाइन और आकारों में उपलब्ध होती है।

चीन के दक्षिणी भाग में, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, यह नौका प्रतियोगिता अत्यंत लोकप्रिय है। प्रतियोगिता में जीत हासिल करने पर अत्यधिक महत्व दिया जाता है। इसमें सभी आयु वर्ग और पृष्ठभूमि के लोग उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं, यही कारण है कि इस उत्सव का दूसरा नाम ड्रैगन-बोट फेस्टिवल भी है।

(अखिल पाराशर, चाइना मीडिया ग्रुप (CGTN हिन्दी), बीजिंग)

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