Last Updated: September 22, 2026

Dainik Savera Times Logo

ड्रेस कोड को लेकर मचा बवाल, दो लोगों की मौत, UN ने जताई चिंता

June 12, 2026

ड्रेस कोड को लेकर मचा बवाल, दो लोगों की मौत, UN ने जताई चिंता

Dress code issue: अफगानिस्तान में महिलाओं पर लगाए गए सख्त ड्रेस कोड को लेकर हो रहे प्रदर्शनों पर बल प्रयोग को लेकर संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने च‍िंता जताई। इन प्रदर्शनों में एक लड़के समेत दो लोगों की मौत हो गई और बीस से ज़्यादा लोग घायल हो गए।

विशेषज्ञों के अनुसार, ये प्रदर्शन इसलिए शुरू हुए क्योंकि 6 और 7 जून को अफगानिस्तान के हेरात शहर में कई महिलाओं को ड्रेस कोड के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया गया था।

विशेषज्ञों ने कहा, “कानून लागू कराने के दौरान बल प्रयोग अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत बहुत सीमित परिस्थितियों में ही किया जा सकता है। यह तभी जायज है जब यह कानूनी हो, जरूरी हो और जितना जरूरी हो उतना ही हो और इसमें अधिकारियों या दूसरों के लिए खतरे के अनुपात में हो। साथ ही इसमें सावधानी, भेदभाव न होना और जवाबदेही जैसे सिद्धांतों का पालन होना चाहिए।”

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समझौतों का पालन करे अफगानिस्तान
उन्होंने कहा, “अफगानिस्तान में मौजूदा सत्ता के तौर पर तालिबान को उन अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समझौतों का पालन करना चाहिए जिनका अफगानिस्तान हिस्सा है, जैसे कि नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय अनुबंध, यातना के खिलाफ संधि और महिलाओं के खिलाफ सभी तरह के भेदभाव को खत्म करने वाली संधि।”

ये भी पढ़ें- तमिलनाडु के CM विजय ने 134.83 करोड़ रुपये की ‘Kuruvai Special Package Scheme 2026’ की घोषणा की

 

कठोर प्रतिबंधों का किया विरोध
विशेषज्ञों ने बताया कि 9 जून को हेरात में लोग सड़कों पर उतरे और लगातार बढ़ते ‘कठोर प्रतिबंधों’ तथा महिलाओं को ड्रेस कोड के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिए जाने का विरोध किया। आरोप है कि ताल‍िबान के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई और उनकी पिटाई भी की।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को ड्रेस कोड के उल्लंघन के कारण हिरासत में लेना बेहद चिंताजनक है और यह गैरकानूनी हिरासत हो सकती है, क्योंकि इससे उनके अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लैंगिक भेदभाव से मुक्त रहने के अधिकार का उल्लंघन होता है।

निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग
विशेषज्ञों ने ताल‍िबान से मांग की कि वे इस पूरे मामले की तुरंत, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराएं, खासकर बल प्रयोग के मामलों की। उन्होंने कहा, “समानता, शांतिपूर्ण सभा, अभिव्यक्ति और आवाजाही की स्वतंत्रता और गैरकानूनी हिरासत से सुरक्षा जैसे अधिकार बहुत जरूरी हैं। ये अधिकार जनता का भरोसा बहाल करने और स्थिति को और बिगड़ने से रोकने में मदद करते हैं।”

मानवाधिकार दायित्वों के पालन की अपील
उधर, यूरोपीय संघ ने भी हेरात में हुए अत्यधिक बल प्रयोग और ड्रेस कोड के कथित उल्लंघन के कारण महिलाओं की मनमानी गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने ताल‍िबान से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों का पालन करने की अपील की है, जिसमें शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार भी शामिल है।

ये भी पढ़ें- 32 सेकंड, 260 जिंदगियां खत्म… Ahmedabad विमान हादसे को एक साल पूरे, अभी तक सच्चाई क्यों नहीं आई सामने

 

यूरोपीय संघ ने की निंदा
यूरोपीय संघ के विदेश मामलों के प्रवक्ता अनौअर अल अनौनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर कहा, “हम हेरात में अत्यधिक बल प्रयोग और ड्रेस कोड निर्देशों के उल्लंघन के कारण महिलाओं की मनमानी गिरफ्तारी की निंदा करते हैं। मौजूदा प्रशासन को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों का सम्मान करना चाहिए, जिसमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार भी शामिल है। यूरोपीय संघ अफगान महिलाओं के साथ खड़ा है।”

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें