नई दिल्ली: मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी इजरायल-हमास युद्ध को थामने के लिए एक नई पहल सामने आई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा पट्टी को लेकर 20 बिंदुओं वाला एक विस्तृत शांति प्रस्ताव रखा है, जिसे इजरायल की सरकार ने सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। हालांकि, हमास की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
क्या है ट्रंप का शांति प्रस्ताव?
जानिए इसकी प्रमुख बातें:
1. तुरंत युद्धविराम और बंधकों की रिहाई
प्रस्ताव के अनुसार, गाजा में तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकने की बात कही गई है। हमास को 72 घंटों के भीतर 20 जीवित इजरायली बंधकों को रिहा करना होगा।साथ ही, 20 मृत बंधकों के शव लौटाने होंगे, जिसके बदले में इजरायल 15-15 गाजावासियों के शव सौंपेगा।
2. हथियारों का परित्याग और सुरंगों का विनाश
ट्रंप की योजना के तहत हमास को अपने सभी हथियार छोड़ने होंगे। इसके अलावा, हथियार निर्माण केंद्र और सुरंगों को नष्ट किया जाएगा। इस कदम के साथ ही अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता गाजा में प्रवेश करेगी।
3. हमास की सरकार से विदाई
प्रस्ताव के अनुसार, हमास को गाजा की राजनीतिक सत्ता से बाहर कर दिया जाएगा। हमास के शासन की जगह एक अस्थायी फलस्तीनी प्रशासन बनाया जाएगा, जो गैर-राजनीतिक होगा।
4. गाजा का अस्थायी प्रशासन और ट्रांजिशन बॉडी
गाजा में प्रशासन की जिम्मेदारी “बोर्ड ऑफ पीस” नाम की एक अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिशन बॉडी को दी जाएगी। इसका संचालन ट्रंप स्वयं करेंगे, और यह निकाय शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होगा।
5. ना विस्थापन, ना कब्जा
प्रस्ताव में यह स्पष्ट किया गया है कि इजरायल गाजा पर स्थायी रूप से कब्जा नहीं करेगा। फलस्तीनी नागरिकों को गाजा से जबरन हटाया नहीं जाएगा, जो दक्षिणपंथी इजरायली नेताओं के बयानों के ठीक विपरीत है। अगर हमास के सदस्य हिंसा का रास्ता छोड़ते हैं, तो उन्हें माफी देने का भी प्रावधान रखा गया है।
क्या यह योजना सफल होगी?
इस प्रस्ताव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल जरूर मचाई है, लेकिन इसकी सफलता इस पर निर्भर करेगी कि हमास और अन्य संबंधित पक्ष इसे स्वीकार करते हैं या नहीं। वर्तमान में हमास की ओर से कोई औपचारिक जवाब नहीं आया है, जिससे भविष्य की स्थिति को लेकर संशय बना हुआ है।