Last Updated: September 22, 2026

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मन मोह लेंगे कश्मीर के ये तीन शानदार स्पॉट्स, LOC से मात्र इतनी है दूरी, सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील इलाका

April 22, 2026

मन मोह लेंगे कश्मीर के ये तीन शानदार स्पॉट्स, LOC से मात्र इतनी है दूरी, सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील इलाका

Kashmir picnic spots: 22 अप्रैल 2025 का दिन भारत और खासकर कश्मीर के लिए दिल दहला देने वाला था क्योंकि पहलगाम की बैसरन घाटी में अपने परिवार और दोस्तों के साथ छुट्टियां बिताने आए मासूम और बेगुनाह परिवारों को पाकिस्तानी आतंकवादियों ने मौत के घाट उतार दिया था। कश्मीर का स्वर्ग कही जाने वाली बैसरन घाटी बेगुनाहों के खून से लहूलुहान हो गई। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज भी बैसरन घाटी बंद है लेकिन उसके आसपास मौजूद पर्यटक स्थलों को खोल दिया गया है।

अरु घाटी
पहलगाम की बैसरन घाटी के पास अरु घाटी, बेताब घाटी और चंदनवाड़ी नामक पर्यटन स्थल हैं, जो अपनी खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं। अरु कश्मीर के सबसे सुंदर और शांत स्थलों में से एक है, इसलिए यह कलाकारों और प्रकृति प्रेमियों का पसंदीदा स्थान है। घने कोहरे से ढके चीड़ के पेड़ों से घिरे विशाल घास के मैदान इस घाटी की सुंदरता को बनाए रखते हैं। यहां कपल फोटोशूट से लेकर फिल्मों की शूटिंग भी की जाती है। यह घाटी बैसरन घाटी से 17 किलोमीटर दूर है, जबकि पहलगाम से इसकी दूरी 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। घाटी ओवेरा-अरु वन्यजीव अभयारण्य का हिस्सा है और कोल्हाई ग्लेशियर और अन्य ट्रेकिंग मार्गों का आधार शिविर भी है। यही कारण है कि अभयारण्य होने के कारण यहां वन विभाग और सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा है। गौर करने वाली बात यह भी है कि यहां से एलओसी की दूरी मात्र 80 किलोमीटर है, जो बहुत पास है।

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बेताब घाटी
जम्मू और कश्मीर के अनंतनाग जिले में पहलगाम से लगभग 15 किमी दूर बेताब घाटी हिंदी सिनेमा की शूटिंग का सबसे बड़ा प्लेस है। इस घाटी का नाम पहले हाजन घाटी था, लेकिन सनी देओल और अमृता सिंह की फिल्म बेताब की शूटिंग के बाद इस घाटी का नाम ही बेताब घाटी पड़ गया। खास बात यह है कि यह घाटी अमरनाथ यात्रा का अहम हिस्सा है। घने पहाड़ और हिमालय पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित इस घाटी का आकार बहुत बड़ा है, जिससे इसकी सुरक्षा के लिए कई सैनिकों को तैनात किया गया है। पहलगाम हमले में इसी घाटी में आतंकवादियों ने अपने हथियार छिपाए थे, हालांकि इसकी एलओसी से दूरी तकरीबन 800 किलोमीटर है। घने देवदार के पेड़ और घाटियों की वजह से ड्रोन से ऐसे इलाकों की निगरानी काफी मुश्किल है।

चंदनवाड़ी
पहलगाम से 16 किलोमीटर दूर चंदनवाड़ी पर्यटन और हिंदू श्रद्धालुओं के लिए एक अहम स्थान है क्योंकि यह अमरनाथ यात्रा की शुरुआत का मुख्य बिंदु है। चंदनवाड़ी बर्फ से ढके पहाड़ों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। चंदनवाड़ी बैसरन घाटी से बहुत दूर है लेकिन एलओसी के बहुत पास है। एलओसी से चंदनवाड़ी के बीच की दूरी मात्र 18 किलोमीटर है। अगर पहाड़ों से होकर ट्रेकिंग के जरिए पहुंचा जाए तो जल्दी पहुंचा जा सकता है। चंदनवाड़ी में सुरक्षा व्यवस्था बहुत सख्त है क्योंकि यह अमरनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं का मुख्य मार्ग है।

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