Site icon Dainik Savera Times

जेकेसीए घोटाला मामला: फारूक अब्दुल्ला को झटका, आरोप तय करने की प्रक्रिया में पेशी अनिवार्य

 Farooq Abdullah

 Farooq Abdullah

जम्मू-कश्मीर डेस्क। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ श्रीनगर जिला कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्लू) जारी किया है। अदालत ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) घोटाला मामले में उनकी व्यक्तिगत पेशी से छूट की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। अब इस मामले में आगे की सुनवाई 30 मार्च को तय की गई है।

ये भी पढ़ें :-

यह आदेश सुनवाई के दौरान श्रीनगर स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने उस समय दिया, जब मामले में आरोप तय (फ्रेमिंग ऑफ चार्ज) करने की प्रक्रिया निर्धारित थी। अदालत ने कहा कि आरोपी की व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक है, इसलिए छूट देने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।यह मामला जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) के कामकाज में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है। जांच के दौरान आरोप लगाया गया कि एसोसिएशन के फंड के इस्तेमाल में गड़बड़ी हुई और करोड़ों रुपए के वित्तीय लेन-देन में अनियमितताएं सामने आईं।

इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने की थी। एजेंसी ने पहले ही इस मामले में कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें फारूक अब्दुल्ला का नाम भी शामिल है। सीबीआई की ओर से दायर चार्जशीट में आरोपियों पर रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) की धारा 120-बी, 406 और 409 के तहत आरोप लगाए गए हैं। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, जांच में सामने आया कि जेकेसीए के संचालन के दौरान वित्तीय लेन-देन में कथित अनियमितताएं हुईं, जिसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।

अब अदालत द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट के बाद इस मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी, जब अदालत आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विचार करेगी। बता दें कि पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला जेकेसीए के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं और अपने कार्यकाल के दौरान उन पर अनियमितता के गंभीर आरोप लगे थे। इस मामले में सीबीआई ने अब्दुल्ला समेत कई लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था।

ये भी पढ़ें :-

Exit mobile version