नेशनल डेस्क : भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर की गई सर्जिकल मिसाइल स्ट्राइक के बाद राजनीतिक और सुरक्षा स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें ऑपरेशन सिंदूर की पूरी जानकारी दी। वहीं इस हमले के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने 9 राज्यों के सीएम के साथ बैठक की है। आइए जातने है इस खबर को विस्तार से…
गृह मंत्री ने बुलाई हाई-लेवल बैठक
आपको बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के नौ संवेदनशील राज्यों के मुख्यमंत्रियों, डीजीपी और मुख्य सचिवों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में सीमा से जुड़े राज्यों के साथ-साथ आतंकी खतरे से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर सुरक्षा समीक्षा की गई। यह मीटिंग संभावित युद्ध जैसे हालात और आतंकी प्रतिक्रिया की आशंका को देखते हुए बुलाई गई थी।
बैठक में शामिल हुए ये राज्य और क्षेत्र
गुरुवार को होगी सर्वदलीय बैठक
देश की सुरक्षा स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में सभी राजनीतिक दलों को वर्तमान हालात और सरकार की कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी। यह कदम राष्ट्रीय एकता और राजनीतिक सहमति सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
#WATCH | Delhi | Union Home Minister Amit Shah holds a meeting with Chief Ministers, DGPs and Chief Secretaries of border states
CMs of J&K, Punjab, Rajasthan, Gujarat, Uttarakhand, Uttar Pradesh, Bihar, Sikkim, West Bengal and LG of Ladakh and LG of Jammu and Kashmir… pic.twitter.com/FXnGzTOGCV
— ANI (@ANI) May 7, 2025
9 आतंकी ठिकाने तबाह, मसूद अजहर को बड़ा नुकसान
भारतीय सेना ने मंगलवार-बुधवार की रात पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। ये हमले पूरी तरह से आतंकी संगठनों जैसे जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा पर केंद्रित थे। इस ऑपरेशन में मोस्ट वॉन्टेड आतंकी मसूद अजहर को भारी नुकसान हुआ है। सूत्रों के अनुसार, मसूद अजहर के परिवार के 14 सदस्य इस कार्रवाई में मारे गए। मसूद खुद वहां से बच निकला, लेकिन उसकी ताकत और नेटवर्क को भारी धक्का पहुंचा है।
भारत ने दिखाई रणनीतिक सूझबूझ
इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि भारतीय सेना ने सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, न कि पाकिस्तानी सेना या आम नागरिकों को। यह भारत की रणनीतिक परिपक्वता और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के पालन का प्रमाण है।
आतंक बर्दाश्त नहीं…
ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद की सरकारी सक्रियता यह संदेश देती है कि भारत अब आतंक के खिलाफ सिर्फ निंदा नहीं, बल्कि निर्णायक कार्रवाई की नीति पर काम कर रहा है। प्रधानमंत्री से लेकर राज्यों तक, पूरा सिस्टम सतर्क है और देश को सुरक्षित रखने के लिए एकजुट भी।
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