नई दिल्ली: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन दिनों दिल्ली दौरे पर हैं, जहां उन्होंने कई केंद्रीय मंत्रियों और नीति आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की। उनका उद्देश्य महाराष्ट्र में विकास कार्यों को तेज़ी देना और केंद्र सरकार से सहयोग हासिल करना है।
किन नेताओं से की मुलाकात?
फडणवीस ने इन प्रमुख केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की जिनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान। इन बैठकों में कई योजनाओं और परियोजनाओं पर चर्चा हुई, जैसे गांवों को सीमेंट सड़कों से जोड़ना, सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम, बांस आधारित उद्योग, विदर्भ क्षेत्र में उर्वरक कारखाना और एनसीडी (गैर-संचारी रोगों) की स्क्रीनिंग के लिए AI का उपयोग।
आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री @Dev_Fadnavis जी अपनी टीम सहित कृषि भवन पधारे। इस दौरान हमने कृषि और ग्रामीण विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा की।
देवेन्द्र जी कल्पनाशील मस्तिष्क के धनी हैं। उनके नेतृत्व में महाराष्ट्र में किसानों के कल्याण, गांवों के उत्थान और… pic.twitter.com/pWFgRqd749
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) July 25, 2025
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि फडणवीस किसानों, गांवों और महिलाओं के लिए कई क्रांतिकारी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने दोनों सरकारों के मिलकर काम करने की बात कही ताकि महाराष्ट्र विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा सके।
14,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़क परियोजना
महाराष्ट्र सरकार ने 22,490 करोड़ रुपये (2.6 अरब डॉलर) की लागत से 14,000 किमी लंबी ग्रामीण सड़कों का प्रस्ताव केंद्र को सौंपा। इन सड़कों का निर्माण एशियाई विकास बैंक (ADB) की मदद से किया जाएगा। यह सड़कों को 25 साल तक रखरखाव-मुक्त रखने के मानकों पर आधारित होगा। यह योजना किसानों के लिए बेहद लाभकारी होगी, क्योंकि इससे उनकी बाजारों तक पहुंच बेहतर होगी। शिवराज सिंह ने इस मौके पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महाराष्ट्र की तेजी से हुई प्रगति की तारीफ की और बताया कि महाराष्ट्र को देश में सबसे ज़्यादा 30 लाख घरों की मंज़ूरी मिली है।
नीति आयोग से भी की अहम मुलाकात
फडणवीस ने नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम और राजीव गौबा से मुलाकात की। नीति आयोग ने महाराष्ट्र की आर्थिक अनुशासन की तारीफ की, क्योंकि राज्य ने FRBM सीमा 25% होने के बावजूद केवल 18% पर खर्च रखा है।
जिन परियोजनाओं पर चर्चा हुई:
1. AI के जरिए स्वास्थ्य जांच (NCD स्क्रीनिंग)
2. 500 मिलियन डॉलर की दो बांस क्लस्टर परियोजनाएँ*
3. मराठवाड़ा जल ग्रिड योजना
4. दमनगंगा-गोदावरी नदी जोड़ो परियोजना
5. ITIs को निजी उद्योगों से जोड़ना
6. कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम
7. जल संरक्षण परियोजनाएं (1 बिलियन डॉलर)
नीति आयोग ने इन सभी परियोजनाओं को शीघ्र मंज़ूरी देने का आश्वासन दिया।

