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भारत आने से बचने का नया दांव: मेहुल चोकसी ने एंटवर्प कोर्ट के फैसले को बेल्जियम सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

November 3, 2025

भारत आने से बचने का नया दांव: मेहुल चोकसी ने एंटवर्प कोर्ट के फैसले को बेल्जियम सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

नेशनल डेस्क: भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी ने अपने भारत प्रत्यर्पण को रोकने के लिए अब बेल्जियम की सर्वोच्च अदालत (कैसेशन कोर्ट) में अपील की है। उन्होंने यह अपील एंटवर्प कोर्ट ऑफ अपील के उस फैसले के खिलाफ दायर की है, जिसमें अदालत ने उनके भारत प्रत्यर्पण को वैध और सही ठहराया था।

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11 अप्रैल को गिरफ्तार हुए थे चौकसी 

अधिकारियों के अनुसार, चोकसी ने 30 अक्टूबर 2025 को यह अपील दायर की। यह अपील केवल कानूनी पहलुओं (legal points) तक सीमित होगी — यानी अदालत यह नहीं देखेगी कि चोकसी दोषी हैं या नहीं, बल्कि सिर्फ यह जांचेगी कि पिछला फैसला कानून के मुताबिक था या नहीं। जब तक यह सुनवाई पूरी नहीं होती, प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पर रोक लगी रहेगी। चोकसी को 11 अप्रैल 2025 को बेल्जियम के एंटवर्प में गिरफ्तार किया गया था। भारत ने उनके खिलाफ आधिकारिक प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा था। गिरफ्तारी के बाद से वह जेल में हैं और उनकी कई जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं।

एंटवर्प की अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि चोकसी पर लगे अपराध, जैसे धोखाधड़ी, गबन, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र, भारत और बेल्जियम, दोनों के कानूनों के तहत गंभीर अपराध हैं। इस तरह ये ‘दोहरे अपराध’ के सिद्धांत को पूरा करते हैं, जो प्रत्यर्पण के लिए ज़रूरी है। हालाँकि, अदालत ने सबूत नष्ट करने (धारा 201 आईपीसी) के एक आरोप को खारिज कर दिया क्योंकि यह अपराध बेल्जियम के कानून में मान्य नहीं है।

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भारत उसका राजनीतिक उत्पीड़न कर रहा

चोकसी ने दावा किया था कि भारत उसका राजनीतिक उत्पीड़न कर रहा है और उसे एंटीगुआ से अगवा किया गया था। लेकिन अदालत ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं मिला कि भारत की मंशा राजनीतिक या जाति-धर्म से जुड़ी थी। अदालत ने यह भी कहा कि अपहरण के आरोप साबित नहीं होते।

भारत सरकार ने अदालत को यह भरोसा भी दिलाया कि चोकसी को भारत लाए जाने पर सुरक्षित और उचित चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। उसे मुंबई की आर्थर रोड जेल की एक 46 वर्ग मीटर की बैरक (नंबर 12) में रखा जाएगा, जिसमें दो कमरे और निजी शौचालय हैं। उसे केवल इलाज या अदालत में पेशी के लिए ही जेल से बाहर ले जाया जाएगा। अदालत ने माना कि भारत में उसे यातना या अमानवीय व्यवहार का खतरा नहीं है।

चोकसी और उनके भतीजे नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से 13,000 रुपए करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप है, जो भारत के सबसे बड़े बैंक घोटालों में से एक है। अब बेल्जियम की सर्वोच्च अदालत में सुनवाई पूरी होने तक चोकसी का भारत प्रत्यर्पण टल गया है। इस अपील पर आने वाले महीनों में फैसला आने की उम्मीद है।

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