Last Updated: September 23, 2026

Dainik Savera Times Logo

उमर अब्दुल्ला ने भाजपा पर लगाया राज्य का दर्जा बहाल न करने का आरोप

September 24, 2025

उमर अब्दुल्ला ने भाजपा पर लगाया राज्य का दर्जा बहाल न करने का आरोप

जम्मू-कश्मीर डेस्क. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को भाजपा पर राज्य का दर्जा बहाल न करने के लिए कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ अनुचित बताकर भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा के चुनाव में हारने के बाद राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी हो रही है।

भाजपा पर निशाना

उमर अब्दुल्ला ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा- लोगों ने चुनाव प्रक्रिया में भाग लिया और भाजपा को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि लोगों को इसका दंड मिले। ऐसा लग रहा है कि भाजपा के सरकार न बना पाने की वजह से जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा नहीं मिल रहा है। यह पूरी तरह से अन्याय है। भाजपा की ओर से राज्य का दर्जा बहाल करने का विरोध किया जा रहा है।

राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए तीन चरणों की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इन तीन चरणों में सबसे पहले सीमाओं का निर्धारण, फिर चुनाव और अंत में राज्य का दर्जा बहाल किया जाना था। पहले दो चरण यानी सीमाओं का निर्धारण और चुनाव हो चुके हैं, लेकिन राज्य का दर्जा अब तक बहाल नहीं किया गया। जम्मू-कश्मीर के लोग राज्य का दर्जा बहाल होने की उम्मीद कर रहे थे। हमें उम्मीद थी कि जब राज्य का दर्जा वापस मिलेगा, तो पर्यटन भी बढ़ेगा और कश्मीर में पर्यटक लौटेंगे। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो रहा है।

‘आई लव मुहम्मद’ नारे पर टिप्पणी

उमर अब्दुल्ला ने ‘आई लव मुहम्मद’ जैसे नारे लिखने को लेकर विवाद का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर गिरफ्तारियां करना मानसिक रूप से बीमार लोगों का काम है। यह नारा तो किसी को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए। क्या यह गैरकानूनी है? अगर दूसरे धर्मों के लोग अपने देवताओं के बारे में लिख सकते हैं तो यहां क्यों नहीं हो सकता?

धारा 370 और राज्य का दर्जा

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि 5 अगस्त 2019 को जब केंद्र ने जम्मू और कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किया और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया, तभी से क्षेत्रीय दलों ने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की है। जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया, जबकि लद्दाख को बिना विधानसभा के केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया।

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने 14 अगस्त 2025 को जम्मू और कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की थी। कोर्ट ने केंद्र से कहा था कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देते वक्त वहां की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। साथ ही, कोर्ट ने पहलगाम की घटनाओं को भी अहम माना।

उमर अब्दुल्ला ने भाजपा पर आरोप लगाया कि राज्य का दर्जा बहाल करने में राजनीतिक कारणों से देरी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को राज्य के लोगों से किए गए वादों को निभाना चाहिए और राज्य का दर्जा जल्द बहाल करना चाहिए।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें