Last Updated: October 9, 2026

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Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर दिखी भारतीय वायुसेना की ताकत, राफेल-सुखोई की गर्जना से गूंज उठा पूरा आसमान

January 26, 2026

Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर दिखी भारतीय वायुसेना की ताकत, राफेल-सुखोई की गर्जना से गूंज उठा पूरा आसमान

नई दिल्ली: 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के समापन पर सोमवार को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भारतीय वायुसेना ने एक भव्य और रोमांचक फ्लाई-पास्ट का आयोजन किया। इस दौरान लड़ाकू विमानों की तेज़ उड़ान और ज़ोरदार आवाज़ से पूरा आसमान गूंज उठा। वायुसेना के पायलटों ने शानदार तालमेल के साथ यह दिखाया कि इंसान और आधुनिक मशीनें मिलकर कितना सटीक और प्रभावशाली प्रदर्शन कर सकती हैं।

कुल 29 विमान शामिल हुए

इस वर्ष के फ्लाई-पास्ट में कुल 29 विमान शामिल हुए। इनमें 16 लड़ाकू विमान, चार परिवहन विमान और नौ हेलीकॉप्टर थे। ये सभी विमान देश के पांच अलग-अलग एयरबेस से उड़ान भरकर राजधानी पहुंचे। फ्लाई-पास्ट की शुरुआत C-130 विमान के नेतृत्व में दो C-295 विमानों से हुई। यह फॉर्मेशन विक फॉर्मेशन’ में उड़ाया गया, जिसमें विमान V आकार बनाकर एक ही ऊंचाई पर उड़ते हैं। इस फॉर्मेशन में पायलट अपने लीड विमान को देखकर दूरी और दिशा बनाए रखते हैं, जिससे उड़ान बेहद सटीक रहती है।

इसके बाद छह राफेल लड़ाकू विमानों ने ‘वज्रांग फॉर्मेशन’ में उड़ान भरी। यह फॉर्मेशन वायुसेना की ताकत, युद्ध के लिए तैयार रहने की क्षमता और आधुनिक तकनीक को दर्शाता है। इसके साथ ही एक P-8I विमान और दो Su-30 लड़ाकू विमानों ने भी विक फॉर्मेशन में उड़ान भरी।

 

राफेल विमान का सबसे रोमांचक दृश्य

सबसे रोमांचक दृश्य तब देखने को मिला जब त्रिशूल फॉर्मेशन के पीछे एक राफेल विमान लगभग 900 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से, ज़मीन से करीब 300 मीटर की ऊंचाई पर उड़ता हुआ मंच की ओर आया। मंच के पास पहुंचते ही विमान ने ‘वर्टिकल चार्ली’ युद्धाभ्यास किया और तेज़ी से ऊपर की ओर चढ़ते हुए हवा में कई बार घूमा। इस प्रदर्शन ने विमान की ताकत और पायलट के कौशल को साफ़ तौर पर दिखाया।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी क्षमताओं को भी उजागर किया

भारतीय वायुसेना ने इस मौके पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी भूमिका और क्षमताओं को भी उजागर किया। इस ऑपरेशन में वायुसेना ने तेज़ी, सटीकता और बेहतरीन तालमेल के साथ अपनी ऑपरेशनल ताकत साबित की। “ट्रेन लाइक वी फाइट” के सिद्धांत पर चलते हुए वायुसेना ने नई प्रणालियों और हथियारों को तेज़ी से अपनाया, अन्य सेनाओं के साथ बेहतर समन्वय किया और स्वदेशीकरण पर ज़ोर देते हुए अपनी तैयारी को मजबूत बनाए रखा।

 

इससे पहले, वायुसेना ने ‘स्पीयरहेड फॉर्मेशन’ में दो राफेल, दो मिग-29, दो Su-30 और एक जगुआर विमान के साथ एक विशेष सिंदूर फॉर्मेशन भी प्रदर्शित किया। यह फॉर्मेशन अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हुए चार दिन के सैन्य टकराव ऑपरेशन सिंदूर में वायुसेना की भूमिका को समर्पित था।

 

जमीन पर भी वायुसेना की भव्य प्रस्तुति

जमीन पर भी वायुसेना की भव्य प्रस्तुति देखने को मिली। 72 सदस्यों वाले IAF बैंड, जिसमें पहली बार महिला अग्निवीर संगीतकार शामिल थीं, ने “साउंड बैरियर” धुन बजाई। स्क्वाड्रन लीडर जगदीश कुमार के नेतृत्व में वायुसेना की मार्चिंग टुकड़ी ने 12×12 फॉर्मेशन में अनुशासित मार्च किया। इस टुकड़ी में चार अधिकारी और 144 एयरमैन शामिल थे। IAF बैंड में कुल 72 संगीतकार थे, जिनमें 57 पुरुष अग्निवीर, नौ महिला अग्निवीर और तीन ड्रम मेजर शामिल थे। पूरे आयोजन ने भारतीय वायुसेना की शक्ति, अनुशासन और देश की सुरक्षा के प्रति उसके समर्पण को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया।

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