Last Updated: September 21, 2026

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धुंधली नजर को न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं मोतियाबिंद के लक्षण

March 14, 2026

धुंधली नजर को न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं मोतियाबिंद के लक्षण

अगर आपकी नजर पहले जितनी साफ नहीं रही और धीरे-धीरे चीजें धुंधली दिखाई देने लगी हैं, तो इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। कई बार यह समस्या सामान्य लगती है, लेकिन यह आंखों की एक आम बीमारी मोतियाबिंद के शुरुआती संकेत भी हो सकते हैं।

इस बीमारी में आंख के अंदर मौजूद लेंस धीरे-धीरे धुंधला होने लगता है, जिससे सामने की चीजें साफ दिखाई नहीं देतीं। शुरुआत में यह परेशानी बहुत हल्की होती है, इसलिए कई लोग इसे थकान, उम्र या चश्मे का नंबर बदलने की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय के साथ-साथ यह समस्या बढ़ सकती है और देखने में ज्यादा दिक्कत होने लगती है।

मोतियाबिंद का सबसे आम लक्षण धुंधली दृष्टि है। कई लोगों को ऐसा महसूस होता है जैसे वे धुंध या धुएं के पीछे से चीजें देख रहे हों। पढ़ते समय अक्षर साफ नहीं दिखते, टीवी देखते समय तस्वीर धुंधली लगती है और छोटे-छोटे काम करने में भी परेशानी होने लगती है।

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इसके अलावा, रात के समय देखने में भी दिक्कत हो सकती है। खासकर गाड़ी चलाते समय सामने से आने वाली गाड़ियों की हेडलाइट बहुत तेज लगती है और आंखों में चकाचौंध होने लगती है। कई लोगों को लाइट के आसपास हल्के-हल्के घेरे भी दिखाई देते हैं, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

इस बीमारी का एक और संकेत यह भी हो सकता है कि रंग पहले की तरह चमकीले नहीं दिखते। कई बार रंग फीके या हल्के पीले दिखाई देने लगते हैं। कुछ लोगों को एक आंख से चीजें दो-दो दिखाई देने लगती हैं, जिसे डबल विजन कहा जाता है। इसके साथ ही लंबे समय तक पढ़ने या मोबाइल देखने के बाद आंखों में जल्दी थकान या जलन महसूस हो सकती है। शुरुआत में ये लक्षण मामूली लग सकते हैं, लेकिन अगर ये बार-बार महसूस हों तो आंखों की जांच जरूर करानी चाहिए।

आमतौर पर मोतियाबिंद बढ़ती उम्र के साथ ज्यादा देखा जाता है। उम्र बढ़ने पर आंखों के लेंस में प्राकृतिक बदलाव होने लगते हैं, जिससे यह समस्या पैदा हो सकती है। हालांकि सिर्फ उम्र ही इसका कारण नहीं है। जिन लोगों को डायबिटीज है, उन्हें भी इस बीमारी का खतरा ज्यादा होता है। इसके अलावा आंखों में चोट लगना, किसी सर्जरी का होना या लंबे समय तक कुछ खास दवाइयों का इस्तेमाल करना भी मोतियाबिंद की वजह बन सकता है।

अच्छी बात यह है कि अगर मोतियाबिंद को समय रहते पहचान लिया जाए तो इसका इलाज संभव है। शुरुआत में डॉक्टर चश्मे का नंबर बदलने या कुछ सावधानियां अपनाने की सलाह दे सकते हैं, लेकिन जब समस्या ज्यादा बढ़ जाती है तो सर्जरी की जा सकती है।

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