
लंबे समय तक स्क्रीन देखने या मोबाइल इस्तेमाल करने से सिरदर्द होना आम बात है, लेकिन हर बार इसकी वजह सिर्फ स्क्रीन नहीं होती। कई लोगों को सुबह उठते ही सिर भारी लगना और भौंहों के पास दर्द महसूस होता है। इसकी एक बड़ी वजह अधूरी नींद और उससे जुड़ा न्यूरो-हॉर्मोनल असंतुलन हो सकता है।
सुबह भौंहों के पास दर्द क्यों होता है?
भौंहों के ऊपर का हिस्सा फ्रंटल साइनस और ट्राइजेमिनल नर्व से जुड़ा होता है। जब नींद पूरी नहीं होती, तो इस क्षेत्र में दबाव और दर्द बढ़ सकता है। नींद की कमी से सेरोटोनिन और मेलाटोनिन जैसे हार्मोन का संतुलन भी बिगड़ता है। इससे सिरदर्द के साथ आंखों की मांसपेशियों में तनाव और भारीपन महसूस हो सकता है।
आयुर्वेद क्या कहता है?
आयुर्वेद के अनुसार, यह समस्या शरीर में “वात” की वृद्धि और नींद की कमी से जुड़ी हो सकती है। वात बढ़ने पर तंत्रिका तंत्र प्रभावित होता है, जिससे सिरदर्द, आंखों में दर्द और बेचैनी जैसी दिक्कतें सामने आती हैं।
राहत के कुछ पारंपरिक उपाय
1. नस्य विधि
रात को सोने से पहले नाक में 1–2 बूंद गुनगुना देसी घी डालना (डॉक्टर की सलाह से) नाक के रूखेपन को कम कर सकता है और आराम दे सकता है।
2. तलवों की मालिश
सोने से पहले तलवों पर हल्की मालिश करने से शरीर को रिलैक्स करने में मदद मिलती है और नींद बेहतर हो सकती है।
3. ब्राह्मी या जटामांसी
ये जड़ी-बूटियां मन को शांत करने और नींद सुधारने में सहायक मानी जाती हैं, लेकिन इन्हें लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है।
4. त्रिफला जल से आंखों की सफाई
ठंडे पानी में त्रिफला मिलाकर आंखें धोने से थकान कम हो सकती है।
5. हल्दी, काली मिर्च और जायफल वाला दूध
रात में गुनगुना दूध इन मसालों के साथ लेने से शरीर को आराम और बेहतर नींद मिल सकती है।
जरूरी सावधानी
अगर सिरदर्द लगातार बना रहता है, बहुत तेज होता है, उल्टी, धुंधली नजर या अन्य लक्षणों के साथ आता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
सही नींद, स्क्रीन टाइम में संतुलन और नियमित दिनचर्या अपनाने से इस तरह के सिरदर्द से काफी हद तक बचा जा सकता है।
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