Last Updated: September 23, 2026

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होली के बाद त्वचा की पूरी देखभाल के लिए प्राकृतिक नुस्खे जरूरी

March 2, 2026

होली के बाद त्वचा की पूरी देखभाल के लिए प्राकृतिक नुस्खे जरूरी

होली रंगों और खुशियों का त्योहार है, लेकिन सावधानी न बरतने पर यह आपकी त्वचा के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है। अक्सर रंगों में मौजूद केमिकल त्वचा की प्राकृतिक नमी छीन लेते हैं, जिससे स्किन रूखी हो जाती है या छिलने लगती है।

जिनकी त्वचा संवेदनशील (सेंसिटिव) है, उन्हें लाल चकत्तों और एलर्जी का खतरा अधिक रहता है। इसलिए यह जरूरी है कि आप होली खेलते समय और उसके बाद भी अपनी त्वचा की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखें।

आयुर्वेद में त्वचा को त्वक कहा जाता है, जो शरीर के लिए सिर्फ बाहरी आवरण नहीं, बल्कि पूरे शरीर का आईना है, जो शरीर को सुरक्षा प्रदान करने का भी काम करती है। होली के रंगों के लेपन के बाद स्किन को स्नेहन और शोधन की आवश्यकता पड़ती है। इसके लिए आयुर्वेद में कई तरीके बताए गए हैं, जिन्हें आसानी से घर पर ही किया जा सकता है।

होली का रंग निकालने के लिए चेहरे पर किसी तरह का साबुन या फेसवॉश न लगाएं। साबुन और फेसवॉश में पहले से केमिकल होते हैं और रंगों के साथ मिलकर वे दोगुनी प्रतिक्रिया करते हैं। ऐसे में साधे पानी से चेहरे को धोएं और शोधन और शुद्धिकरण के लिए मक्के का आटा या फिर दरदरे चावल के आटे से चेहरे को हल्के हाथ से रगड़ें।

यह न सिर्फ चेहरे को साफ करने का काम करेगा, बल्कि गंदगी को चेहरे से निकालने में मदद करेगा। इसके बाद चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी और दही को मिलाकर लेप लगाएं। अक्सर रंगों को हटाने के लिए खुजली या लाल चकत्ते निकल आते हैं।

ऐसे में मुल्तानी मिट्टी और दही का लेप चेहरे की जलन को साफ करेगा और चेहरे की रंगत को भी निखारने में मदद करेगा। मुल्तानी मिट्टी और दही के बाद त्वचा पर ताजा एलोवेरा जल का लेपन करें। यह त्वचा को मुलायम रखने के साथ-साथ आराम देने का भी काम करेगा।

त्वचा की देखभाल के लिए सिर्फ बाहरी नहीं, बल्कि आंतरिक देखभाल भी जरूरी है। ऐसे में पूरे शरीर को आराम देने के लिए रात के समय हल्का गुनगुना दूध पीए। होली के दिन ज्यादा तला-भुना खाने से भी परहेज करें।

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