प्रसव के बाद मां के शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। वजन बढ़ना, शरीर में कमजोरी महसूस होना, चेहरे पर दाग-धब्बे और बालों का झड़ना आम समस्याएं हैं। खासकर बाल झड़ने की शिकायत लगभग हर दूसरी महिला में देखने को मिलती है, लेकिन इसके पीछे की वजहें बहुत कम लोग जानते हैं। आइए समझते हैं कि डिलीवरी के कुछ महीनों बाद अचानक बाल क्यों झड़ने लगते हैं और इसे कैसे कंट्रोल किया जा सकता है।
सबसे बड़ा कारण हार्मोन में बदलाव है। बच्चे के जन्म के बाद शरीर में हार्मोन का संतुलन बिगड़ना सामान्य बात है। खासतौर पर एस्ट्रोजन का स्तर कम होने लगता है, जिससे बालों की जड़ें कमजोर पड़ जाती हैं और बाल झड़ने के साथ-साथ पतले भी होने लगते हैं।
दूसरा कारण पोषक तत्वों की कमी है। डिलीवरी के बाद ज्यादातर ध्यान नवजात शिशु पर रहता है और मां अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती है। इस दौरान शरीर में आयरन, कैल्शियम और दूसरे जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। जब शरीर को सही पोषण नहीं मिलता, तो उसका असर सबसे पहले बालों पर दिखता है।
तीसरा अहम कारण तनाव और नींद की कमी है। हार्मोनल बदलाव और बच्चे की देखभाल के चलते मां को पूरी नींद नहीं मिल पाती। लगातार थकान, तनाव और कभी-कभी डिप्रेशन भी बाल झड़ने की समस्या को बढ़ा देता है। तनाव को बाल झड़ने की बड़ी वजह माना जाता है।
अब बात करते हैं बालों के झड़ने को कम करने के उपायों की। समय के साथ, डिलीवरी के कुछ महीनों बाद शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर धीरे-धीरे सामान्य होने लगता है, जिससे बाल झड़ना अपने आप कम हो सकता है। इसके साथ ही आहार पर खास ध्यान देना जरूरी है। भोजन में आयरन, कैल्शियम, विटामिन डी और विटामिन सी से भरपूर चीजें शामिल करें। विटामिन सी बालों और त्वचा दोनों के लिए फायदेमंद होता है।
डाइट में दालें, अंडा, दूध, पनीर, सोया, हरी सब्जियां, चुकंदर और अनार को जरूर शामिल करें। हफ्ते में एक बार हल्के हाथों से तेल मालिश करने से भी बालों की जड़ों को मजबूती मिलती है।
इसके अलावा, तनाव कम करने की कोशिश करें और जितना हो सके पूरी नींद लें। अगर इन उपायों के बावजूद बाल लगातार झड़ते रहें, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहता है।