Last Updated: September 25, 2026

Dainik Savera Times Logo

गर्भावस्था की पहली तिमाही में ताड़ासन से वृक्षासन तक फायदेमंद योगासन, आयुष मंत्रालय ने दी सलाह

May 9, 2026

गर्भावस्था की पहली तिमाही में ताड़ासन से वृक्षासन तक फायदेमंद योगासन, आयुष मंत्रालय ने दी सलाह

मदर्स डे (10 मई) के साथ ही विश्व योग दिवस भी नजदीक आ रहा है। ऐसे में आयुष मंत्रालय लगातार नई जानकारी देकर लोगों को योग के प्रति जागरूक कर रहा है और दिनचर्या में योगासनों को शामिल करने की अपील कर रहा है। इसी कड़ी में एक्सपर्ट्स ने गर्भवती महिलाओं के लिए पहली तिमाही में किए जाने वाले सौम्य योगासनों के बारे में विशेष जानकारी दी है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, गर्भावस्था लगातार बदलावों का सफर है। खासकर पहली तिमाही में महिलाओं के शरीर और मन को नए शारीरिक, भावनात्मक और हार्मोनल अनुभवों के साथ तालमेल बिठाना पड़ता है। इस दौरान हल्का-फुल्का योग और ध्यानपूर्ण प्राणायाम अभ्यास करने से गर्भवती माताओं को शांति, संतुलन और सुकून का एहसास होता है। मदर्स डे पर हर गर्भवती मां की ताकत, देखभाल और सहनशक्ति का जश्न मनाते हुए उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की जरूरत है।

ये भी पढ़ें : https://dainiksaveratimes.com/lifestyle/snake-bite-treatment/

पहली तिमाही शारीरिक और भावनात्मक बदलावों का महत्वपूर्ण दौर होता है। इस समय हल्के प्राणायाम से माताएं ज्यादा केंद्रित, रिलैक्स और खुद से जुड़ा महसूस करती हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, गर्भावस्था में जोरदार या कठिन आसनों से बचना चाहिए। इसके बजाय आसान योगासन करने चाहिए जो शरीर पर हल्का असर डालें और मन को शांत रखें। पहली तिमाही में सुझाए गए योगासन में ताड़ासन से लेकर शवासन तक शामिल हैं।

ताड़ासन खड़े होकर शरीर को सीधा रखने वाला आसन। यह मुद्रा शरीर की मुद्रा सुधारती है और थकान दूर करती है। वहीं, वृक्षासन संतुलन बढ़ाने वाला आसन है। इसे दीवार का सहारा लेकर भी किया जा सकता है। यह मन को स्थिर करता है। दंडासन सीधे बैठकर पैरों को आगे फैलाने वाला आसन है। यह पीठ की मजबूती को भी बढ़ाता है। गर्भवती महिलाओं के लिए सुखासन का अभ्यास भी फायदेमंद है। यह आराम की मुद्रा में बैठना कहलाता है। ध्यान और प्राणायाम के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। वहीं, शवासन पूरी तरह से रिलैक्स होने वाला आसन है। यह तनाव कम कर बेहतर नींद में मदद करता है।

आयुष मंत्रालय का कहना है कि इन आसनों को धीरे-धीरे और सावधानी से करना चाहिए। डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। सांस पर पूरा ध्यान दें और शरीर की सीमा से आगे न बढ़ें। मंत्रालय गर्भवती महिलाओं से अपील करता है कि वे अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करें। इससे न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है। यह माता व शुिशु दोनों के लिए फायदेमंद है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें