नई दिल्ली : जब सर्दियों का मौसम आता है, तो खानपान में ऐसे खाद्य पदार्थों की जरूरत महसूस होती है जो शरीर को अंदर से गर्म रखें, ताकत दें और बीमारियों से बचाएं। वहीं, भारत में सदियों से बादाम को सेहत का साथी माना गया है। यह एक ऐसा ड्राई फ्रूट (सूखा फल) है जो छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए फायदेमंद है। आयुर्वेद में बादाम को बल्य, पुष्टिकर और ओज बढ़ाने वाला बताया गया है, जबकि विज्ञान इसे पोषक तत्वों से भरपूर मानता है। सर्दियों में इसका सही मात्रा और सही तरीके से सेवन शरीर को कई तरह से मजबूत बनाता है। बादाम में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन ई, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और अच्छे फैट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।
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इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। बादाम शरीर की कमजोरी दूर करता है और दिमाग को तेज करता है। दिल की सेहत के लिए बादाम को बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद हेल्दी फैट्स और फाइबर खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं और धमनियों को स्वस्थ रखते हैं। नियमित रूप से सीमित मात्रा में बादाम खाने से हार्ट अटैक और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा कम हो सकता है।

दिमाग के लिए बादाम किसी वरदान से कम नहीं है। पुराने समय से बच्चों को दूध के साथ बादाम खिलाने की परंपरा रही है। इसका कारण यह है कि बादाम याददाश्त बढ़ाने, एकाग्रता सुधारने और मानसिक थकान कम करने में मदद करता है। विज्ञान के अनुसार, इसमें मौजूद विटामिन ‘ई’ और ओमेगा-3 फैटी एसिड ब्रेन सेल्स को पोषण देते हैं। पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में भी बादाम का अहम रोल है। इसमें मौजूद फाइबर आंतों की सफाई करता है और कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है।
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आयुर्वेद में सलाह दी जाती है कि बादाम को रात में पानी में भिगोकर सुबह छिलका उतारकर खाया जाए, क्योंकि इससे इसका पाचन आसान हो जाता है। सुबह खाली पेट भिगोए हुए बादाम खाने से दिनभर ऊर्जा बनी रहती है। हड्डियों और मांसपेशियों के लिए भी बादाम फायदेमंद है। इसमें मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और जोड़ों की कमजोरी को कम करने में मदद करते हैं। सर्दियों में जोड़ों के दर्द की समस्या बढ़ जाती है, ऐसे में बादाम का सेवन राहत दे सकता है।
इसके अलावा, यह शरीर को गर्माहट भी देता है, जिससे ठंड का असर कम होता है। हालांकि बादाम जितना फायदेमंद है, उतना ही इसका सही मात्रा में सेवन करना जरूरी है। आयुर्वेद और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स दोनों मानते हैं कि एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए दिन में 6 से 7 बादाम पर्याप्त होते हैं। जरूरत से ज्यादा बादाम खाने से पेट फूलना, गैस, अपच और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं, क्योंकि इसमें कैलोरी अधिक होती है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को इसकी मात्रा और भी संतुलित रखनी चाहिए।