Last Updated: November 5, 2026

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सोते समय मुंह पर टेप लगाने का सोशल मीडिया का चलन गंभीर खतरा पैदा कर सकता है : अध्ययन

October 6, 2025

सोते समय मुंह पर टेप लगाने का सोशल मीडिया का चलन गंभीर खतरा पैदा कर सकता है : अध्ययन

नई दिल्ली: क्या आप सोशल मीडिया पर चल रहे इस ट्रैंड को फॉलो करते हैं कि सोते समय मुंह पर टेप लगाना मुंह की बजाय नाक से सांस लेने में मदद करता है? सावधान रहें, इससे दम घुटने का गंभीर खतरा हो सकता है। एस्फिक्सिएशन एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिसके कारण प्राय: सांस लेने में कठिनाई होती है या दम घुटने लगता है। जब नाक के रास्ते बंद हो जाते हैं, तो सांस नाक से मुंह में चली जाती है। मुंह से सांस लेने को नींद में गड़बड़ी से जोड़ा गया है, जिसमें खर्राटे से लेकर ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया जैसी स्थितियां शामिल हैं, जिसमें नींद के दौरान सांस बार-बार रुकती और शुरू होती है।

हालांकि, हाल ही में सोशल मीडिया द्वारा प्रचारित एक चलन के तहत कुछ लोग मुंह से सांस लेने से रोककर नींद में खलल पैदा करने वाली श्वास संबंधी बीमारी का इलाज करने के लिए रात में अपने मुंह को टेप से बंद कर लेते हैं। कई सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स और मशहूर हस्तियों ने माउथ टेपिंग की सिफारिश की है, जिनका दावा है कि इससे बेहतर नींद, बेहतर ओरल हैल्थ और एंटी-एजिंग परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

ब्रिटेन की वैस्टर्न यूनिवर्सिटी के ओटोलैरिंगोलॉजिस्ट और स्लीप सजर्न डॉ. ब्रायन रोटेनबर्ग ने कहा, ‘हमारे शोध से पता चलता है कि सोते समय मुंह को बंद करना खतरनाक है, खासकर उन लोगों के लिए जो शायद यह नहीं जानते कि उन्हें स्लीप एपनिया है।‘ उन्होंने कहा, ‘ये लोग अंजाने में अपने लक्षणों को बदतर बना रहे हैं और खुद को हृदय रोग जैसी गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं के अधिक जोखिम में डाल रहे हैं।‘

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