Last Updated: November 6, 2026

Dainik Savera Times Logo

दुर्लभ और लाइलाज रक्त कैंसर को टाल सकता है फाइबर युक्त आहार : शोध

December 8, 2024

दुर्लभ और लाइलाज रक्त कैंसर को टाल सकता है फाइबर युक्त आहार : शोध

न्यूयॉर्क। एक शोध में यह बात सामने आई है कि हाई फाइबर युक्त आधारित आहार मल्टीपल मायलोमा की गति को धीमा कर सकता है। मल्टीपल मायलोमा एक प्रकार की दुर्लभ और असाध्य रक्त कैंसर है जो बोन मेरो को प्रभावित करता है।

मेमोरियल स्लोन केटरिंग कैंसर सेंटर (एमएसके) की टीम ने इस संबंध में पहली बार किए गए क्लिनिकल परीक्षण के परिणामों की रिपोर्ट दी है।

सैन डिएगो कैलिफोर्निया में 2024 अमेरिकन सोसायटी ऑफ हेमेटोलॉजी (एएसएच) की वार्षिक बैठक में निष्कर्ष प्रस्तुत करने वाली एमएसके मायलोमा विशेषज्ञ डॉ उर्वी शाह ने कहा, ’यह अध्ययन पोषण की शक्ति को प्रदर्शति करता है। यह विशेष रूप से उच्च फाइबर वाले पौधे-आधारित आहार की बात करता है कि यह किस प्रकार माइक्रोबायोम और मेटाबोलिज्म में सुधार लाकर एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली का निर्माण कर सकता है।’

उन्होंने कहा, ’ये निष्कर्ष इस बात का समर्थन करते हैं कि कैसे हम चिकित्सक के रूप में रोगियों को सशक्त बना सकते हैं, विशेष रूप से उन लोगों को जो कैंसर से पहले की स्थिति में हैं। आहार परिवर्तनों के माध्यम से उनके कैंसर के जोखिम को कम किया जा सकता है।‘

अध्ययन में 20 प्रतिभागियों को शामिल किया गया था, जिनमें प्रीकैंसरस रक्त विकार और मल्टीपल मायलोमा विकसित होने के जोखिम में उच्च बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) था।

उन्हें 12 सप्ताह तक उच्च फाइबर युक्त पौधे आधारित भोजन और 24 सप्ताह तक प्रशिक्षण दिया गया। अध्ययन से पहले रोग की प्रगति से पीड़ित दो प्रतिभागियों में रोग की प्रगति के उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। इसके अतिरिक्त, नामांकन के एक वर्ष बाद, प्रतिभागियों में से किसी में भी मल्टीपल मायलोमा विकसित नहीं हुआ था।

अध्ययन के दौरान प्रतिभागियों को जितना चाहें उतना खाने के लिए प्रोत्साहित किया गया, बशर्ते कि वे फल, सब्जियां, मेवे, बीज, साबुत अनाज और फलियां जैसे पूरे पौधे-आधारित खाद्य पदार्थ ही खाएं।

इन आहार परिवर्तनों के साथ, जीवन की गुणवत्ता, इंसुलिन प्रतिरोध, आंत माइक्रोबायोम स्वास्थ्य और सूजन में महत्वपूर्ण सुधार हुए। औसतन, प्रतिभागियों ने 12 सप्ताह के बाद अपने शरीर के वजन का आठ प्रतिशत खो दिया। इन निष्कर्षों की पुष्टि मायलोमा माउस मॉडल में की गई, जहां उच्च फाइबर आहार खिलाए गए 44 प्रतिशत चूहों में मायलोमा की प्रगति नहीं हुई, जबकि मानक आहार खिलाए गए सभी चूहों में मायलोमा की प्रगति हुई। इन निष्कर्षों की पुष्टि मायलोमा माउस मॉडल में की गई, जहां उच्च फाइबर आहार खिलाए गए 44 प्रतिशत चूहों में मायलोमा की प्रगति नहीं हुई।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें