Last Updated: November 5, 2026

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इसलिए योग हमारे जीवन का है अहम् हिस्सा, रोग मुक्त रहने के लिए रोजाना करें ये आसन

March 14, 2023

इसलिए योग हमारे जीवन का है अहम् हिस्सा, रोग मुक्त रहने के लिए रोजाना करें ये आसन

योग हमारे जीवन का एक अहम् हिस्सा बन चुका है। योग भारत में सदियों से ही हमारे जीवन का हिस्सा रहा है। योग शब्द संस्कृत की ‘युज’ धातु से बना है जिसका अर्थ है जोड़ना यानि शरीर,मन और आत्मा को एक सूत्र में जोड़ना। योग करने से शारीरक परेशानियों से लेकर मानसिक तनाव तक से मुक्ति पाने का का एक बेहद खास ऑप्शन है। ऐसे में आज के समय में अगर आप बिलकुल तंदरुस्त रहना चाहते हैं तो आपको योग जरूर करना चाहिए। ये सभी चीजों में से एक बेहद बेहतरीन ऑप्शन है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे योगासन जिसे रोजाना करने से आपको बेहद लाभ मिलेगा। आपकी कई तरह की सेहत से जुडी परेशानियां खत्म हो जाएंगी।

धनुरासन करने का तरीका: पेट के बल लेटकर, पैरो मे नितंब जितना फासला रखें और दोनों हाथ शरीर के दोनों ओर सीधे रखें| घुटनों को मोड़ कर कमर के पास लाएँ और घुटिका को हाथों से पकड़ें| श्वास भरते हुए छाती को ज़मीन से उपर उठाएँ और पैरों को कमर की ओर खींचें| चेहरे पर मुस्कान रखते हुए सामने देखिए| श्वासोश्वास पर ध्यान रखे हुए, आसन में स्थिर रहें, अब आपका शरीर धनुष की तरह कसा हुआ हैl लम्बी गहरी श्वास लेते हुए, आसन में विश्राम करें| सावधानी बरतें आसन आपकी क्षमता के अनुसार ही करें, जरूरत से ज्यादा शरीर को ना कसें| १५-२० सैकन्ड बाद, श्वास छोड़ते हुए, पैर और छाती को धीरे धीरे ज़मीन पर वापस लाएँl घुटिका को छोड़ेते हुए विश्राम करें|

भुजंगासन इस तरह करें: ज़मीन पर पेट के बल लेट जाएँ, पादांगुली और मस्तक ज़मीन पे सीधा रखें। पैर एकदम सीधे रखें, पाँव और एड़ियों को भी एकसाथ रखें| दोनों हाथ, दोनों कंधो के बराबर नीचें रखे तथा दोनों कोहनियों को शरीर के समीप और समानान्तर रखें। दीर्घ श्वास लेते हुए, धीरे से मस्तक, फिर छाती और बाद में पेट को उठाएँ। नाभि को ज़मीन पे ही रखें| अब शरीर को ऊपर उठाते हुए, दोनों हाथों का सहारा लेकर, कमर के पीछे की ओर खीचें।

गौर फरमाएँ: दोनों बाजुओं पे एक समान भार बनाए रखें। सजगता से श्वास लेते हुए, रीड़ के जोड़ को धीरे धीरे और भी अधिक मोड़ते हुए दोनों हाथों को सीधा करें; गर्दन उठाते हुए ऊपर की ओर देखें| गौर फरमाएँ: क्या आपके हाथ कानों से दूर हैं? अपने कंधों को शिथिल रखें। आवश्यकता हो तो कोहनियों को मोड़ भी सकते हैं। यथा अवकाश आप अभ्यास ज़ारी रखते हुए, कोहनियों को सीधा रखकर पीठ को और ज़्यादा वक्रता देना सीख सकते हैं। ध्यान रखें कि आप के पैर अभी तक सीधे ही हैं। हल्की मुस्कान बनाये रखें, दीर्घ श्वास लेते रहें [मुस्कुराते भुजंग]| अपनी क्षमतानुसार ही शरीर को तानें, बहुत ज़्यादा मोड़ना हानि प्रद हो सकता हैं। श्वास छोड़ते हुए प्रथमत: पेट, फिर छाती और बाद में सिर को धीरे से वापस ज़मीन ले आयें।

पद्मासन करने की प्रक्रिया
पैरों को सामने की ओर फैलाकर योगा मैट अथवा ज़मीन पर बैठ जाएँ, रीढ़ की हड्डी सीधी रहे। दाहिने घुटने को मोड़े और बहिनी जांघ पर रख दें, ध्यान रहे की एड़ी उदर के पास हो और पाँव का तलवा ऊपर की ओर हो। अब यही प्रक्रिया दूसरे पैर के साथ दोहराएँ। दोनों पैरों को मोड़ें, पाँव विपरीत जांघो पर,हाथों को मुद्रा स्थिति में घुटनो पर रखें। सिर सीधा व् रीढ़ की हड्डी सीधी रहे। इसी स्थिति में बने रहकर गहरी साँस लेते रहें।

योग के लाभ-
1) योग का प्रयोग शारीरिक , मानसिक और आध्यत्मिक लाभों के लिए हमेशा से होता रहा है। आज की चिकित्सा शोधों ने ये साबित कर दिया है की योग शारीरिक और मानसिक रूप से मानवजाति के लिए वरदान है।

2) जहाँ जिम आदि से शरीर के किसी खास अंग का ही व्यायाम होता है वहीँ योग से शरीर के समस्त अंग प्रत्यंगों,ग्रंथियों का व्यायाम होता है जिससे अंग प्रत्यंग सुचारू रूप से कार्य करने लगते हैं।

3) योगाभ्यास से रोगों से लड़ने की शक्ति बढती है। बुढ़ापे में भी जवान बने रह सकते हैं त्वचा पर चमक आती है शरीर स्वस्थ,निरोग और बलवान बनता है।

 

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